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जबलपुर: रिटायरमेंट से पहले अधिकारी का अनोखा सम्मान, छात्रों ने दिए ‘बेशरम’ के फूल, “भविष्य में ऐसा अधिकारी न आए” भगवान से की प्रार्थना, जानें मामला

Reported by:Sandeep Kumar|Edited by:Gaurav Sharma
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जबलपुर में सेवानिवृत्ति से ठीक दो दिन पहले एक सहायक आयुक्त को छात्रों ने बेशरम के फूल देकर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और अनोखी विदाई दी। वीडिया सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया।
जबलपुर: रिटायरमेंट से पहले अधिकारी का अनोखा सम्मान, छात्रों ने दिए ‘बेशरम’ के फूल, “भविष्य में ऐसा अधिकारी न आए” भगवान से की प्रार्थना, जानें मामला

जबलपुर में एक अधिकारी को छात्रों ने ऐसा विदाई समारोह दिया, जिसकी शायद उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी। सेवानिवृत्त होने से ठीक दो दिन पहले जबलपुर के अनुसूचित जनजातीय विकास विभाग में सहायक आयुक्त के पद पर कार्यरत एक अधिकारी को छात्रों के तीखे विरोध का सामना करना पड़ा। छात्रों ने अधिकारी के कार्यालय में घुसकर उन्हें ‘बेशरम’ के फूल भेंट किए और उनके पूरे कार्यकाल को भ्रष्टाचार से भरा बताया। यह घटना आगामी 31 मई को होने वाली अधिकारी की सेवानिवृत्ति से पहले हुई, क्योंकि छुट्टी के चलते उनका रिटायरमेंट कार्यक्रम दो दिन पहले ही आयोजित किया जाना था। छात्रों ने यह कहकर अपनी नाराजगी जाहिर की कि वे भगवान से प्रार्थना करेंगे कि भविष्य में कभी भी उनके जैसा कोई भ्रष्ट अधिकारी दोबारा इस पद पर न आए।

अनुसूचित जाति, जनजाति छात्र संघ के अध्यक्ष सोनेलाल उरेती ने इस पूरे मामले पर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि जब से यह सहायक आयुक्त विभाग में पदस्थ हुए हैं, तब से इन्होंने सिर्फ और सिर्फ भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है। छात्रों के हित के लिए आने वाली सरकारी योजनाओं और फंड्स का खुलेआम बंदरबाट किया गया। उरेती ने बताया कि वैसे तो सहायक आयुक्त का रिटायरमेंट शुक्रवार को होना था, लेकिन छुट्टी के कारण यह कार्यक्रम पहले ही आयोजित किया जा रहा था, जिसका छात्रों ने अपने तरीके से विरोध किया।

समस्याओं पर कभी नहीं दिया गया ध्यान: छात्रों का आरोप

छात्र संघ के अध्यक्ष ने आगे बताया कि अधिकारी ने लगभग एक साल पहले ही अपना पदभार संभाला था। छात्रों का आरोप है कि अगर उनके विरोध करने के उद्देश्यों को गिनाना शुरू किया जाए, तो उसकी एक बहुत लंबी फेहरिस्त तैयार हो जाएगी। छात्र और छात्राएं अपनी अलग-अलग समस्याओं को लेकर हॉस्टल से लेकर विभाग के कार्यालय तक आते थे, लेकिन यहां सहायक आयुक्त द्वारा कभी भी उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया। उनके द्वारा न तो कोई ठोस कार्रवाई की गई और न ही छात्रों को न्याय मिल पाया। हर बार सिर्फ कोरे आश्वासन देकर छात्रों को उल्टे पांव लौटा दिया जाता था। छात्रों का कहना है कि इन सभी परेशानियों से तंग आकर ही उन्हें आखिरकार सहायक आयुक्त के खिलाफ इस तरह का प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

रुपए के लेन-देन से होती रहीं पोस्टिंग, छात्रों का बड़ा दावा

छात्र संघ के उपाध्यक्ष महेश अहिरवार ने बताया कि सहायक आयुक्त सीके दुबे एक साल पहले ही इस विभाग में पदस्थ हुए थे। छात्रों का सीधा आरोप है कि इनके कार्यकाल में छात्र-छात्राओं का कोई हित नहीं देखा गया। इनके पूरे कार्यकाल में सिर्फ रुपए के लेन-देन के दम पर नई-नई पोस्टिंग होती रही हैं। छात्र नेता महेश ने विस्तार से बताया कि जब से सीके दुबे का कार्यकाल शुरू हुआ है, तब से छात्र लगातार परेशान हैं। जब कभी छात्र अपनी शिकायतें लेकर उनके केबिन में जाते हैं, तो उन पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता।

महेश ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर कोई अधीक्षक बच्चों का शोषण करता है, उन पर अत्याचार करता है, या उन्हें ठीक से खाना नहीं देता है, और छात्र इसकी शिकायत सहायक आयुक्त से करते हैं, तो सहायक आयुक्त रुपए लेकर उस अधीक्षक को बहाल कर देते हैं। इतना ही नहीं, उन्हें पुराने हॉस्टल से हटाकर नए हॉस्टल में तैनात कर दिया जाता है, जिससे वे अपने गलत कामों को जारी रख सकें। छात्रों का कहना है कि इसी भ्रष्टाचार और मनमानी के विरोध में आज उन्होंने सहायक आयुक्त के कार्यालय में यह अनोखा प्रदर्शन किया है, ताकि उनकी आवाज सुनी जा सके और भविष्य में ऐसे अधिकारियों पर लगाम लग सके।

Gaurav Sharma
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