राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार में इन दिनों राजनीतिक हलचल तेज है। हाल ही में तेजस्वी यादव के बेटे इराज के पहले जन्मदिन समारोह में रोहिणी आचार्य की अनुपस्थिति ने कई अटकलों को जन्म दिया, और अब विधान परिषद की सदस्यता से जुड़ी अफवाहों पर उनके तीखे पलटवार ने मामले को और गर्मा दिया है। लालू परिवार से जुड़ी इन खबरों ने बिहार की सियासत में एक नया मोड़ ले लिया है, जहां रोहिणी आचार्य ने अपने विरोधियों को सीधे तौर पर चुनौती दी है।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में धूमधाम से मनाए गए तेजस्वी यादव के बेटे इराज के पहले जन्मदिन समारोह में पूरा लालू परिवार एकजुट दिखा। तेजस्वी यादव और उनकी पत्नी के साथ-साथ परिवार के अन्य सदस्य और पार्टी से जुड़े कई दिग्गज नेता भी मौजूद थे, जिन्होंने इस मौके पर खुशियां बांटीं। हालांकि, लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य इस पारिवारिक जुटान से दूर रहीं, जिसकी चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में शुरू हो गई थीं। उनकी अनुपस्थिति ने कई सवाल खड़े किए और राजनीतिक विश्लेषकों को नई अटकलें लगाने का मौका दे दिया।
रोहिणी आचार्य की इस अनुपस्थिति के बीच, मीडिया रिपोर्टों ने एक नई कहानी गढ़नी शुरू कर दी। इन रिपोर्टों में दावा किया गया कि लालू प्रसाद यादव जब अपने स्वास्थ्य जांच के लिए सिंगापुर जाएंगे, तो वहां वे रोहिणी को विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) बनने के लिए मनाएंगे। इन खबरों ने बिहार की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी, जिसमें रोहिणी आचार्य की भविष्य की राजनीतिक भूमिका को लेकर कयास लगाए जाने लगे। राजनीतिक गलियारों में इस बात पर जोर दिया जाने लगा कि रोहिणी आचार्य सक्रिय राजनीति में और बड़ी भूमिका निभाने जा रही हैं।
MLC चुनाव की अफवाहों पर रोहिणी आचार्य का तीखा पलटवार
इन कयासों और मीडिया रिपोर्ट्स पर रोहिणी आचार्य की बेहद तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। शुक्रवार, 29 मई, 2026 को रोहिणी आचार्य ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल से एक पोस्ट कर इन अफवाहों का खंडन किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में लिखा, “बुरी नीयत वालों का मुंह फिर काला होगा। घुसपैठियों, साजिश रचने और विरोधियों के साथ मिलीभगत रखने वालों का गिरोह अपने चंद मीडिया मित्रों की मदद से मेरे आगामी विधान परिषद चुनाव में प्रत्याशी बनने की अफवाह फैला रहा है।” उनके इस बयान ने साफ कर दिया कि वे इन खबरों से बेहद नाराज हैं और इसे एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा मान रही हैं, जिसका उद्देश्य उनकी छवि को धूमिल करना है।
रोहिणी आचार्य ने अपनी पोस्ट में आगे कहा कि “गंदी नीयत वाले इन लोगों ने” पहले भी उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की थी। उन्होंने याद दिलाया कि उस समय भी उनके झूठ का पर्दाफाश हुआ था और इस बार भी ऐसा ही होगा। उन्होंने इन “साजिशकर्ताओं” पर आरोप लगाया कि कुछ महीने पहले भी इन्हीं लोगों ने उनके नाबालिग बेटे और उनकी सासु मां के विधानसभा चुनाव लड़ने की बात की अफवाहें जमकर फैलाई थीं, जो पूरी तरह बेबुनियाद निकली थीं। यह दर्शाता है कि रोहिणी पहले भी इस तरह के दुष्प्रचार का सामना कर चुकी हैं और वे इसे राजनीतिक विरोधियों की चाल मानती हैं, जो उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
झूठ का मुझ पर और मेरी छवि पर कोई असर नहीं होने वाला है: रोहिणी आचार्य
एक्स पोस्ट में रोहिणी आचार्य की नाराजगी और दृढ़ता साफ झलक रही थी। उन्होंने अपने संदेश के अंत में स्पष्ट शब्दों में लिखा, “मेरे बारे में झूठ फैलाने और गढ़ने वालों को मैं ये बता देना चाहती हूं कि इन लोगों के किसी भी प्रपंच, झूठ का मुझ पर और मेरी छवि पर कोई असर नहीं होने वाला है।” उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया उनके बारे में जानती है कि वे किसी भी प्रकार के लालच या लोभ से परे हटकर सीधी बात कहने वालों में से हैं। उनका विरोध हमेशा गलत के खिलाफ रहा है और आगे भी इसी तरह जारी रहेगा। यह बयान उनके मजबूत व्यक्तित्व और बेबाक अंदाज को दर्शाता है, जिसमें उन्होंने अपने विरोधियों को सीधी चुनौती दी है और अपनी ईमानदारी व निष्ठा पर कोई आंच न आने देने का संकल्प दोहराया है।







