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सम्राट चौधरी के ‘हरा गमछा’ वाले बयान पर RJD का पलटवार, कहा – ‘आम जनता की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान दें’

Written by:Banshika Sharma
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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के 'हरा गमछा' संबंधी एआई कैमरे के बयान पर राजद सांसद सुधाकर सिंह ने पलटवार किया है। दरअसल उन्होंने जनहित के मुद्दों पर कैमरे लगाने की मांग की है।
सम्राट चौधरी के ‘हरा गमछा’ वाले बयान पर RJD का पलटवार, कहा – ‘आम जनता की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान दें’

बिहार में हाल ही में आयोजित एआई शिखर सम्मेलन के मंच से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा पटना में चार हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरों की उपस्थिति का उल्लेख करते हुए यह कहा गया था कि यदि एआई को यह निर्देश दिया जाए कि वह ‘हरा गमछा’ पहनने वालों को खोजे तो वह उन्हें तुरंत पहचान लेगा, जिस पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। राजद के सांसद सुधाकर सिंह ने मुख्यमंत्री के इस बयान को जनहित के मुद्दों से भटकाने वाला बताते हुए उन पर निशाना साधा है, और कहा है कि यदि राज्य सरकार को वास्तव में कैमरे लगाने ही हैं तो उन्हें उन स्थानों पर स्थापित किया जाना चाहिए जहाँ आम जनता की वास्तविक समस्याओं का समाधान हो सके, न कि किसी विशेष परिधान के आधार पर लोगों की पहचान की जाए।

दरअसल सांसद सुधाकर सिंह ने शुक्रवार, 29 मई, 2026 को अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल से एक विस्तृत पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को टैग करते हुए उनके बयान पर अपनी असहमति और सुझाव प्रस्तुत किए। सिंह ने प्रश्न उठाते हुए कहा कि ‘हरा गमछा’ वालों को ढूंढने के लिए एआई-सक्षम कैमरे लगाने की बात करने वाले मुख्यमंत्री को राज्य की जमीनी हकीकत से अवगत होना चाहिए।

इन जगह कैमरे लगाने की अपील की

उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि यदि सरकार की मंशा वास्तव में निगरानी प्रणाली स्थापित करने की है, तो ऐसे कैमरे उन घरों में लगवाए जाएँ जहाँ बढ़ती महंगाई के कारण यह सुनिश्चित करना कठिन हो गया है कि चूल्हा जला है अथवा नहीं। उन्होंने आगे सुझाव दिया कि उन रसोईयों में भी एआई-सक्षम कैमरे स्थापित किए जाएँ जहाँ गैस सिलेंडर के अभाव में भोजन बना या नहीं बना, ताकि सरकार को आम आदमी की दैनिक संघर्षों और आर्थिक चुनौतियों का सीधा अनुभव हो सके और वह उसके अनुरूप नीतियों का निर्माण कर सके।

भ्रष्टाचार की गंभीर समस्या पर भी बोले

दरअसल अपने पोस्ट में सांसद सुधाकर सिंह ने आगे बढ़ते हुए सरकारी कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार की गंभीर समस्या पर भी प्रकाश डाला और इस पर एआई-आधारित निगरानी की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कैमरे अंचल कार्यालयों में भी लगाए जाने चाहिए, जिससे जनता यह प्रत्यक्ष रूप से देख सके कि बिना किसी घूस या ‘सेवा शुल्क’ के कौन सा कार्य संपन्न हो रहा है। उन्होंने विशेष रूप से वृद्धा पेंशन से लेकर मृत्यु प्रमाण पत्र तक के लिए वसूले जा रहे कथित ‘सेवा शुल्क’ का जिक्र किया, और बताया कि भूमि के दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) जैसी आवश्यक प्रक्रियाएँ भी बिना रिश्वत दिए संभव नहीं हो पातीं। सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि इन प्रक्रियाओं पर भी एआई से नजर रखी जाए, ताकि प्रशासनिक पारदर्शिता लाई जा सके और आम जनता को सरकारी सेवाओं का लाभ बिना किसी बाधा या आर्थिक शोषण के मिल सके।

उन्होंने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसे गरीबों की थाली, किसानों की बदहाली और बेरोजगारों की खाली जेब नहीं दिखती, बल्कि सरकार को बस एक ‘हरा गमछा’ ही दृष्टिगोचर हो रहा है। उन्होंने युवाओं की बेरोजगारी की समस्या को उठाते हुए कहा कि कैमरे लगाकर यह पता चलना चाहिए कि कितने युवा अपनी उच्च शिक्षा की डिग्री लेकर नौकरी की तलाश में कतार में खड़े हैं, और कितने अपनी पूरी उम्र नौकरी के इंतजार में गुजार रहे हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की दयनीय स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि कैमरे उन अस्पतालों में लगाए जाने चाहिए जहाँ किसी भी इलाज से पहले सिफारिश और पैसे की मांग की जाती है, जिससे गरीब और जरूरतमंद मरीज उपचार से वंचित रह जाते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी सुधार की आवश्यकता बताते हुए उन्होंने कहा कि स्कूलों में भी कैमरे स्थापित किए जाएँ, जहाँ शिक्षकों की संख्या कम है और सरकारी प्रचार-प्रसार अधिक पहुंचता है।

Banshika Sharma
लेखक के बारे में
मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma
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