बिहार में आगामी बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए सरकार ने सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। दरअसल राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी जिलों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की है, जिसमें सुरक्षा-व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है।
दरअसल यह बैठक आज बुधवार (27 मई, 2026) को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई थी, जिसमें गुरुवार (28 मई, 2026) को मनाए जाने वाले बकरीद पर्व से पहले राज्य भर में प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया। मुख्य सचिव ने डीएम, एसपी, डीआईजी और आईजी रैंक के अधिकारियों को प्रशासन तंत्र को पूरी तरह से अलर्ट मोड पर रखने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बकरीद भी अन्य त्योहारों की तरह ही बिना किसी तनाव के, पूरे सौहार्दपूर्ण तरीके से संपन्न होना चाहिए, और इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।
सोशल मीडिया पर पैनी नजर रखी जाएगी
वहीं जारी निर्देशों में कहा गया कि बकरीद की सुबह से ही सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में फ्लैग मार्च पर निकलें। असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। इसके अतिरिक्त, सोशल मीडिया पर भी खासतौर से पैनी नजर बनाए रखने को कहा गया, ताकि किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक जानकारी का प्रसार न हो पाए। मुख्य सचिव ने जिलों को यह भी निर्देश दिया कि किसी भी स्थान पर तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए पहले से ही पूरी तैयारी कर ली जाए और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए।
संवेदनशील इलाकों में दंगा नियंत्रण बल रहेंगे तैनात
वहीं इस अवसर पर बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने भी अधिकारियों को संबोधित किया। डीजीपी ने कहा कि तीन दिनों तक चलने वाले इस त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से मनाया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कुर्बानी स्थलों और संवेदनशील इलाकों में दंगा नियंत्रण बल, पुलिस और जिला बल के जवानों द्वारा रूट मार्च करने के निर्देश दिए। डीजीपी ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि दंगा नियंत्रण वाहनों और पर्याप्त बॉडी सूट की उपलब्धता हो, ताकि आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने और उपद्रवी लोगों की पहचान कर उन्हें एहतियातन हिरासत में लेने के निर्देश दिए। सभी थानों को निरंतर पेट्रोलिंग, खासतौर से रात्रि गश्ती को बढ़ाने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी संदिग्ध स्थिति या गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
दूसरी ओर, डीजी (स्पेशल ब्रांच और एसटीएफ) कुंदन कृष्णन ने भी सुरक्षा तैयारियों पर अपनी बात रखी। उन्होंने सभी जिलों में पुलिस अधिकारियों को सुबह चार बजे से ही फ्लैग मार्च शुरू करने को कहा। कुंदन कृष्णन ने मिश्रित आबादी वाले धार्मिक स्थानों पर सौहार्द बनाए रखने के लिए निरंतर नजर रखने का निर्देश दिया।






