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बिहार: मोकामा विधायक अनंत सिंह को कोर्ट से बड़ी राहत, 30 मई तक गिरफ्तारी पर रोक, जानें पूरा मामला

Written by:Ankita Chourdia
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मोकामा विधायक अनंत सिंह को हथियार प्रदर्शन मामले में गोपालगंज एमपी-एमएलए कोर्ट से बड़ी राहत मिली है, उनकी गिरफ्तारी पर 30 मई तक रोक लगा दी गई है।
बिहार: मोकामा विधायक अनंत सिंह को कोर्ट से बड़ी राहत, 30 मई तक गिरफ्तारी पर रोक, जानें पूरा मामला

बिहार की राजनीति में चर्चित मोकामा विधायक अनंत सिंह को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। गोपालगंज एमपी-एमएलए कोर्ट ने हथियार प्रदर्शन मामले में उनकी गिरफ्तारी पर 30 मई तक के लिए रोक लगा दी है। इस संबंध में अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 30 मई को होगी, जिस दिन उनकी अग्रिम जमानत से संबंधित याचिका पर विस्तार से विचार किया जाएगा।

दरअसल, यह पूरा मामला एक उपनयन कार्यक्रम से जुड़ा है। गोपालगंज जिले के मीरगंज स्थित सेमरांव गांव में एक उपनयन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। विधायक अनंत सिंह इस कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। आरोप है कि इस कार्यक्रम के दौरान खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन किया गया और अश्लील नृत्य भी हुआ। इस घटना के बाद मामला काफी गरमा गया था और इसकी चर्चा चारों ओर फैल गई थी।

इस घटना के बाद विधायक अनंत सिंह और कलाकार गुंजन सिंह समेत कुल नौ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस मामले ने काफी तूल पकड़ा था और राजनीतिक गलियारों में भी इसकी खूब चर्चा हुई थी। अब अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने विधायक को अस्थायी राहत प्रदान की है, जिससे उन्हें 30 मई तक गिरफ्तारी से मुक्ति मिली है।

बिहार की राजनीति में अनंत सिंह एक चर्चित नाम

गौरतलब है कि बिहार की राजनीति में अनंत सिंह का नाम हमेशा सुर्खियों में रहता है। वह एक बेहद चर्चित चेहरा हैं और अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं। उनकी खासियत यह है कि वह मीडिया के सामने भी अपनी बात खुलकर रखते हैं और किसी भी विषय पर अपनी राय देने में जरा भी संकोच नहीं करते। बिहार ही नहीं, बल्कि देशभर में लोग उन्हें जानते और पहचानते हैं। उनके बोलने का तरीका और राजनीतिक शैली अक्सर चर्चा का विषय बनी रहती है।

दुलारचंद हत्याकांड समेत कई मामलों में घिरे अनंत सिंह

हाल ही में हुए बिहार विधानसभा चुनावों में भी उन्होंने मोकामा सीट से जीत हासिल की थी, जिससे उनकी राजनीतिक पकड़ एक बार फिर साबित हुई थी। उनके राजनीतिक जीवन में कई उतार-चढ़ाव आए हैं। दुलारचंद हत्याकांड जैसे मामलों में उन्हें जेल भी जाना पड़ा था, लेकिन बाद में वे जमानत पर बाहर आए। मोकामा विधानसभा सीट पर अनंत सिंह लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं, जो उनकी लोकप्रियता और क्षेत्र में मजबूत पकड़ को दर्शाता है। एक बार जब वे 2022 में एक मामले में जेल गए थे, तब उनकी पत्नी नीलम देवी ने मोकामा सीट से चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस सीट पर उनके परिवार का दबदबा बना हुआ है।

नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी अनंत सिंह काफी चर्चा में रहे थे। उस समय उन्होंने एक बड़ा बयान दिया था कि अगर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे तो वे चुनाव नहीं लड़ेंगे। अनंत सिंह को नीतीश कुमार का काफी करीबी माना जाता है। उनके इस बयान से मोकामा ही नहीं, बल्कि देशभर की जनता हैरान रह गई थी कि अनंत सिंह अब चुनावी राजनीति में हिस्सा नहीं लेंगे। उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में खूब अटकलें पैदा की थीं। हालांकि, अब वे कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं और कोर्ट से उन्हें अस्थायी राहत मिली है। यह देखना दिलचस्प होगा कि 30 मई को उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर कोर्ट का अंतिम फैसला क्या आता है।

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