आज जब देश का आम नागरिक महंगाई के बोझ तले दबा है और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना एक चुनौती बन गया है, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आरजेडी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर तीखा प्रहार किया है। उनकी मानें तो सरकार के पास महंगाई की इस ‘मेलोडी’ पर लगाम लगाने की कोई ‘रेमेडी’ ही नहीं है, जिसका सीधा असर देश के हर वर्ग पर पड़ रहा है।
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि एनडीए सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो चुकी है। देश में महंगाई, गरीबी और बेरोजगारी ने बीते सभी आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। रुपये की लगातार गिरती कीमत का जिक्र करते हुए उन्होंने सरकार की आर्थिक विफलताओं को उजागर किया।
तेजस्वी यादव ने याद दिया पीएम मोदी का पुराना बयान
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने 25 जुलाई 2013 के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पुराने बयान को याद दिलाया। तब मोदी ने कहा था कि केंद्र सरकार और रुपये के गिरने के बीच एक प्रतिस्पर्धा चल रही है कि कौन कितना गिरेगा। आज तेजस्वी ने पलटवार करते हुए कहा कि आज वही रुपया सबसे निचले स्तर पर पहुंच कर पूरे एशिया में सबसे कमजोर मुद्रा बन चुका है। यह स्थिति पिछले एक दशक में आई आर्थिक गिरावट का स्पष्ट प्रमाण है।
तेजस्वी यादव ने आगे बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में रुपये में लगातार गिरावट का यह आठवां साल है। विगत 12 वर्षों में रुपया अपनी आधी कीमत खो चुका है, जिसने आयातित वस्तुओं को महंगा कर दिया है और देश की क्रय शक्ति को कमजोर किया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री भले ही देशवासियों को यह कहकर गुमराह करें कि भारत दुनिया की शीर्ष की बड़ी अर्थव्यवस्था है, लेकिन अमेरिकी डॉलर में प्रति व्यक्ति जीडीपी देखें तो भारत दुनिया में 16वें नंबर पर बांग्लादेश से भी पीछे है। यह आंकड़ा आर्थिक विकास के दावों की पोल खोलता है।
बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम ने जोर देते हुए कहा कि विजनलेस एनडीए सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण जहां पूरे देश की अर्थव्यवस्था चौपट हो चुकी है, वहीं देश के सबसे पिछड़े और गरीब राज्यों में से एक बिहार के वित्तीय हालात तो सबसे खराब दौर से गुजर रहे हैं। यहां गरीबी और बेरोजगारी की दरें चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई हैं, जिससे युवाओं में हताशा बढ़ रही है।
तेजस्वी यादव ने सरकार की आर्थिक नीतियों पर उठाए सवाल
गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए घर चलाना आज एक कठिन कार्य बन गया है। एलपीजी गैस, पेट्रोल-डीजल, खाद-बीज, पढ़ाई-दवाई-सिंचाई समेत सभी आवश्यक वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं। राशन, तेल, दाल, दूध और रोजमर्रा की जरूरत के सामान आम लोगों की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं। खानपान से लेकर यातायात तक, हर चीज महंगी हो गई है, लेकिन एनडीए की कथित डबल इंजन सरकार के पास महंगाई पर लगाम लगाने का कोई ठोस रोडमैप दिखाई नहीं देता। ऐसा लगता है मानो सरकार ने इन समस्याओं से आंखें फेर ली हैं।
NDA सरकार को आम जनता की जरा भी फिक्र नहीं: तेजस्वी यादव
तेजस्वी यादव ने तंज कसते हुए कहा कि देश के प्रधान और डबल इंजन सरकार के पास महंगाई की इस ‘मेलोडी’ पर लगाम लगाने की कोई ‘रेमेडी’ नहीं है। डबल इंजन सरकार में बेरोजगारी, गरीबी और महंगाई ट्रबलिंग रेट पर कई गुना बढ़ रही है। बिहार में शासन का संचालन ऐसे हो रहा है मानो लगता है यहां किसी सरकार का कोई अस्तित्व है ही नहीं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एनडीए सरकार को आम जनता की जरा भी फिक्र नहीं है, क्योंकि उनके पास जनता की परेशानियों का कोई समाधान नहीं है।
यह गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने इटली की यात्रा के दौरान वहां की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी को ‘मेलोडी’ नाम की चॉकलेट भेंट की थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। विपक्ष के नेता तभी से इस जिक्र का इस्तेमाल कर केंद्र सरकार को महंगाई के मुद्दे पर लगातार घेरने में जुटे हैं, और तेजस्वी यादव का यह बयान उसी कड़ी का एक हिस्सा है।
सरकार के पास महंगाई की मेलोडी पर लगाम लगाने की कोई रेमेडी नहीं- श्री तेजस्वी यादव जी, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष
25 जुलाई 2013 को प्रधानमंत्री बनने से पहले नरेंद्र मोदी ने कहा था कि केंद्र सरकार और रूपये के गिरने का कम्पीटीशन चल रहा है कि कौन कितना गिरेगा? आज रूपया सबसे निचले…
— Rashtriya Janata Dal (@RJDforIndia) May 23, 2026






