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प्रशांत किशोर का बड़ा फैसला, पटना का घर छोड़ आश्रम में रहेंगे 5 साल, जानिए कारण

Written by:Ankita Chourdia
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जन सुराज चीफ प्रशांत किशोर ने पटना का अपना आवास छोड़ दिया है। दरअसल अब वह अगले पांच साल तक बिहार नवनिर्माण आश्रम में रहकर जन सुराज को मजबूत करेंगे।
प्रशांत किशोर का बड़ा फैसला, पटना का घर छोड़ आश्रम में रहेंगे 5 साल, जानिए कारण

जन सुराज के मुखिया प्रशांत किशोर ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। दरअसल उन्होंने अपना पटना स्थित आवास छोड़ दिया है। वहीं अब वह अगले पांच वर्षों के लिए बिहार नवनिर्माण आश्रम में निवास करेंगे। यह आश्रम आईआईटी-पटना के समीप स्थित है। प्रशांत किशोर का यह कदम उनकी पार्टी जन सुराज को बिहार की राजनीति में स्थापित करने के लक्ष्य से जुड़ा हुआ है। उनका उद्देश्य है कि उनकी पार्टी 2031 के बिहार विधानसभा चुनाव तक स्वयं को एक मजबूत स्थिति में ला सके।

दरअसल यह बड़ा फैसला बिहार विधानसभा चुनाव 2026 में जन सुराज को मिली कथित हार के उपरांत लिया गया है। पार्टी के मुखिया प्रशांत किशोर ने अब पटना की सीमा पर स्थित एक आश्रम में अपना नया ठिकाना बनाने का निश्चय किया है। उन्होंने अगले पांच वर्षों तक इसी आश्रम में रहने का संकल्प लिया है। यह अवधि तब तक रहेगी जब तक उनकी राजनीतिक पार्टी जन सुराज बिहार विधानसभा चुनाव 2031 में स्वयं को पूरी तरह से स्थापित नहीं कर लेती। प्रशांत किशोर का यह कदम उनकी राजनीतिक प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

19 मई की रात को ही पूर्व आवास खाली कर दिया था।

48 वर्षीय राजनीतिक रणनीतिकार और वर्तमान में नेता की भूमिका निभा रहे प्रशांत किशोर ने इस संबंध में दरभंगा में जानकारी प्रदान की। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीते मंगलवार, 19 मई की रात को ही उन्होंने अपना पूर्व आवास खाली कर दिया था। बिहार नवनिर्माण आश्रम अब अगले पांच सालों तक उनका नया ठिकाना होगा। यह आश्रम उन्हें अपने राजनीतिक कार्यों पर अधिक ध्यान केंद्रित करने का अवसर प्रदान करेगा।

नवनिर्माण आश्रम में अपना ठिकाना बनाया

प्रशांत किशोर ने ‘अगले पांच साल में जन सुराज का बड़ा प्रभाव’ होने की बात कही है। उन्होंने यह भी बताया कि पटना में जिस घर में वह अब तक रह रहे थे, उसे उन्होंने अब छोड़ दिया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रशांत किशोर ने स्वयं इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि उन्होंने पटना स्थित अपने निवास स्थान को त्याग दिया है। अब उन्होंने आईआईटी-पटना के समीप स्थित बिहार नवनिर्माण आश्रम में अपना ठिकाना बना लिया है। यह आश्रम अगले पांच वर्षों के लिए उनका स्थायी निवास स्थान होगा।

इस घोषणा के साथ ही, प्रशांत किशोर ने यह आशा व्यक्त की है कि आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी जन सुराज बिहार की जनता के बीच एक सकारात्मक प्रभाव स्थापित करने में सफल रहेगी। उनका मानना है कि इस निर्धारित अवधि में जन सुराज अपनी पहचान बनाएगी और बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्रशांत किशोर ने अपने इस निर्णय के माध्यम से जन सुराज के भविष्य के प्रति अपनी गंभीर प्रतिबद्धता को भी दर्शाया है। उनका लक्ष्य है कि जन सुराज बिहार की राजनीति में एक प्रभावी और विश्वसनीय विकल्प के रूप में उभरे।

Ankita Chourdia
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