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आज से नौतपा शुरु: अगले 9 दिन झुलसाएगी गर्मी, लू और हीटवेव का अलर्ट, ये सावधानियां रखें

Written by:Shruty Kushwaha
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ग्रामीण क्षेत्रों में एक कहावत प्रचलित है “नौतपा तपे बिना, बादल नहीं बरसे”। मान्यता है कि यदि नौतपा के दौरान अच्छी गर्मी पड़े तो मानसून बेहतर होता है और वर्षा अच्छी होती है। वहीं यदि इन नौ दिनों में बारिश हो जाए तो लोग कहते हैं कि “नौतपा टूट गया।” इसे मौसम में बदलाव और मानसून के लिए अच्छे संकेत के रूप में देखा जाता है।

देशभर में गर्मी ने अब अपने सबसे तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। आज 25 मई से से नौतपा की शुरुआत हो गई है जिसे साल के सबसे गर्म नौ दिन माना जाता है। मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, दिल्ली, बिहार और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में लू के साथ गर्म हवाओं का असर और अधिक तेज़ होने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार नौतपा के दौरान कई शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तक पहुंच सकता है।

नौतपा शब्द “नौ” और “तपा” से मिलकर बना है जिसका अर्थ है नौ दिनों तक पड़ने वाली तपिश। वैदिक ज्योतिष के अनुसार जब सूर्य वृषभ राशि में प्रवेश कर रोहिणी नक्षत्र में आता है, तब नौतपा आरंभ होता है। भारतीय परंपरा और लोक मान्यताओं में इसे मौसम परिवर्तन का महत्वपूर्ण चरण माना जाता है।

नौतपा शुरु

लोक मान्यता है कि नौतपा जितना अधिक तपता है, मानसून उतना ही बेहतर होता है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसे अच्छी बारिश और कृषि से भी जोड़कर देखा जाता है। हालांकि मौसम विज्ञान इसे गर्म और शुष्क वातावरण की प्राकृतिक प्रक्रिया मानता है, जो आगे चलकर मानसूनी गतिविधियों को प्रभावित करती है।

नौतपा के दौरान धरती और वातावरण तेजी से गर्म होते हैं। इससे उत्तर और मध्य भारत में लू की स्थिति बनती है। दिन के समय गर्म हवाएं चलती हैं और रात के तापमान में भी ज्यादा राहत नहीं मिलती। कई इलाकों में हीट वेव की स्थिति बन सकती है। खासतौर पर बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और पहले से बीमार लोग इस मौसम में ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं।

ये सावधानियां रखें 

डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस दौरान डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, चक्कर, उल्टी, सिरदर्द और अत्यधिक थकान जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं। खासतौर पर बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और पहले से बीमार लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम विभाग और डॉक्टरों ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। नींबू पानी, छाछ, सत्तू, नारियल पानी और ओआरएस जैसे पेय पदार्थों का सेवन फायदेमंद माना गया है।

विशेषज्ञों ने हल्के रंग के सूती और ढीले कपड़े पहनने, सिर को टोपी या गमछे से ढंकने तथा धूप का चश्मा और छाता इस्तेमाल करने की सलाह दी है। भोजन में तरबूज, खरबूजा, खीरा और अन्य पानी से भरपूर फलों को शामिल करने को कहा गया है। तला-भुना, मसालेदार और भारी भोजन से बचने की सलाह भी दी गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार शरीर में पानी की कमी होने पर चक्कर आना, सिरदर्द, उल्टी, अत्यधिक थकान और बेहोशी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हीट स्ट्रोक की स्थिति गंभीर होने पर जान का खतरा भी बढ़ सकता है। किसी व्यक्ति को तेज बुखार, घबराहट या बेहोशी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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