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राहुल गांधी के आरोपों को CBSE ने किया खारिज, बताया भ्रामक, कहा- नियमों के तहत दिया गया कॉन्ट्रैक्ट

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राहुल गांधी ने सीबीएसई पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया और COEMPT को दिए गए कॉन्ट्रैक्ट को लेकर कई सवाल उठाए। केंद्र सरकार पर भी निशान साधा। बोर्ड की प्रतिक्रिया सामने आई है। 
राहुल गांधी के आरोपों को CBSE ने किया खारिज, बताया भ्रामक, कहा- नियमों के तहत दिया गया कॉन्ट्रैक्ट

CBSE

कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) COEMPT को कॉन्ट्रैक्ट देने के लिए केंद्र सरकार और CBSE पर कई सवाल खड़े किए हैं। कई आरोप भी लगाए हैं, जिन्हें केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने खारिज किया है। बोर्ड ने सोशल मीडिया X पर कहा, “ये आरोप गुमराह करने वाले और तथ्यों पर आधारित नहीं है।” सीबीएसई के इस जवाब को लेकर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया भी सामने आई है।

सीबीएसई ने कहा कि, “सीबीएसई ने एजेंसी को ठेका देने में जनरल फाइनेंशियल रूल्स प्रोटोकॉल का पूरी तरीके से पालन किया गया। 28 अगस्त 2025 को सेंट्रल पब्लिक प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर बोर्ड एग्जाम के लिए आंसर बुक के डिजिटल मूल्यांकन के लिए आरएफपी जारी किया गया और क्वालिफाइड बीडर को ही कॉन्ट्रैक्ट दिया गया।”

राहुल गांधी ने क्या कहा?

सीबीएसई के जवाब पर राहुल गांधी ने कहा, “आरोपों को इनकार करना कोई जवाब नहीं है। शिक्षा मंत्री और सीबीएसई मेरे पूछे गए चार आसान सवालों का जवाब क्यों नहीं दे पा रहे हैं। 18.5 लख स्टूडेंट्स का भविष्य खतरे में पड़ गया है। वे सभी सच जानने के हकदार हैं।

कांग्रेस नेता ने बुधवार को एक वीडियो जारी करते हुए बताया कि सीओईएमपीटी एडुटेक कंपनी Globarena प्राइवेट लिमिटेड के नाम के काम कर रही थी। 2019 और 2023 में तेलंगाना बोर्ड परीक्षा में स्कैम के आरोप भी इसपर लगे थे। इसे लेकर उन्होंने 4 सवाल किए और बिना बैकग्राउन्ड चेक किए इसे ठेका क्यों दिया गया? इसके अलावा राहुल गांधी ने नियमों और प्रक्रिया लेकर भी सवाल उठाए हैं।

सीबीएसई मूल्यांकन प्रक्रिया पर सियासत 

सीबीएसई ने इस साल पहली बार कक्षा 12वीं के लिए ऑन स्क्रीन मार्किंग के जरिए उत्तरपुस्तिकाओं की जांच की है। जिसे लेकर कई शिकायतें सामने आई है। जिसके बाद बोर्ड ने फीस को कम करके पुनर्मूल्यांकन प्रोसेस शुरू किया। 25 मई आंसरबुक की फोटोकॉपी के लिए आवेदन जारी थे। इस दौरान छात्रों पेमेंट, धुंधली आंसरशीट, मिसमैच आंसरशीट समेत कई तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा है। इस मामले को लेकर सियासत भी शुरू हो चुकी है। राहुल गांधी ने आरोपियों का पता लगाने के लिए न्यायिक जांच और SIT गठन की मांग की है। अब मनीष सिसोदिया ने भी जांच की मांग की है।

Manisha Kumari Pandey
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