चंदौली में समाजवादी पार्टी की महिला सभा की जिलाध्यक्ष गार्गी सिंह पटेल के साथ हुई मारपीट की घटना पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा रुख अपनाया है। केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए समाजवादी पार्टी के वास्तविक चरित्र को उजागर करने की बात कही है। चौधरी ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि जो दल मंचों से महिला सम्मान, सामाजिक न्याय और अधिकारों की बड़ी-बड़ी बातें करता है, उस दल में उसकी अपनी महिला पदाधिकारी तक सुरक्षित नहीं हैं। यह स्थिति समाजवादी पार्टी के दोहरे मापदंड और महिला विरोधी मानसिकता का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने समाजवादी पार्टी से प्रदेश की महिलाओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने तथा इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने शुक्रवार को जारी अपने बयान में आगे कहा कि चंदौली की यह घटना केवल एक महिला पदाधिकारी पर हुआ हमला मात्र नहीं है। यह घटना प्रदेश की समस्त महिलाओं के सम्मान और आत्मसम्मान पर सीधा आघात है। उन्होंने समाजवादी पार्टी के तथाकथित पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) मॉडल पर भी तीखा प्रहार किया। चौधरी ने कहा कि समाजवादी पार्टी का पीडीए अब ‘पीड़ा, दमन और अपमान’ का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाजवादी पार्टी की राजनीति केवल दिखावे और नारों तक ही सीमित रह गई है। मंचों पर महिला सम्मान की बातें करना और व्यवहार में महिलाओं का अपमान करना ही समाजवादी पार्टी का असली चाल, चरित्र और चेहरा है। यह घटना इस तथ्य को प्रमाणित करती है कि समाजवादी पार्टी में महिलाओं को केवल पोस्टरों और प्रचार अभियानों तक सीमित रखा जाता है, जबकि वास्तविकता में उन्हें अपमान और प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है।
महिलाओं के मुद्दों का राजनीतिक इस्तेमाल करती है समाजवादी पार्टी: पंकज चौधरी
केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं समाजवादी पार्टी की इस दोहरी मानसिकता को अब पूरी तरह से पहचान चुकी हैं। महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर समाजवादी पार्टी की कथनी और करनी में एक बड़ा अंतर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। यह अंतर सपा के भीतर व्याप्त अराजकता और महिला विरोधी सोच को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी महिलाओं के मुद्दों का उपयोग केवल राजनीतिक स्वार्थ साधने के लिए करती है, उनके वास्तविक सशक्तिकरण के लिए नहीं। सपा का महिला सम्मान का मॉडल पूरी तरह से खोखला और अवसरवादी है, जिसका आधार केवल दिखावा है।
चौधरी ने भाजपा सरकार द्वारा महिलाओं के लिए किए गए कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एक ओर भाजपा सरकार ने महिलाओं को सुरक्षा, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता प्रदान करने के लिए अनेक प्रभावी योजनाएं लागू की हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दल केवल राजनीतिक लाभ के लिए महिलाओं के मुद्दों का इस्तेमाल करते हैं। भाजपा सरकार ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ से लेकर विभिन्न महिला केंद्रित योजनाओं के माध्यम से प्रदेश और देश की महिलाओं को सशक्त बनाने का काम किया है। इसके विपरीत, चंदौली में घटित यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना समाजवादी पार्टी के अंदर व्याप्त आंतरिक अराजकता, गुटबाजी और महिला विरोधी मानसिकता का पुख्ता प्रमाण है। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि समाजवादी पार्टी के लिए महिला सम्मान केवल एक चुनावी नारा है, न कि उसकी राजनीतिक विचारधारा का अभिन्न अंग।





