धार की जनसुनवाई में मंगलवार को एक ऐसा आवेदन पहुंचा जिसने अधिकारियों के साथ मौजूद लोगों का भी ध्यान खींच लिया। दरअसल पहली कक्षा में पढ़ने वाला 5 साल का सिवान जोशी अपने पिता के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचा और बड़ी गणेश प्रतिमाओं के लिए एक तय और साफ विसर्जन स्थल बनाने की मांग की। वहीं बच्चे का कहना है कि अलग-अलग तालाबों और घाटों पर विसर्जन होने से जलस्रोत गंदे होते हैं इसलिए पर्यावरण बचाने के लिए एक ही जगह व्यवस्था की जानी चाहिए।
दरअसल सिवान ने अपने आवेदन में लिखा कि शहर में कई समितियां बड़ी गणेश प्रतिमाएं स्थापित करती हैं और उनका विसर्जन 25 और 26 सितंबर को होना है। फिलहाल अलग-अलग तालाबों और घाटों पर प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है जिससे पानी में पूजन सामग्री पहुंचती है और जलस्रोतों पर असर पड़ता है। उसने प्रशासन से इस व्यवस्था में बदलाव करने की अपील की है।
गणेश विसर्जन के लिए कई जगहों का सुझाव
वहीं सिवान ने केवल समस्या नहीं बताई बल्कि उसके समाधान के सुझाव भी दिए। आवेदन में मुंज सागर तालाब के एंट्री पॉइंट को विसर्जन स्थल बनाने का सुझाव दिया गया है। इसके अलावा बड़े गणपति मंदिर के आगे की जगह को भी उपयुक्त बताया गया है। उसने यह भी कहा कि फिल्टर प्लांट के कुंड का आकार बढ़ाकर वहां भी बड़ी प्रतिमाओं के विसर्जन की व्यवस्था की जा सकती है।
बच्चे का कहना है कि अगर एक तय जगह पर विसर्जन होगा तो व्यवस्थाएं संभालना आसान होगा और तालाबों में अनियंत्रित तरीके से पूजन सामग्री फेंकने की समस्या भी कम होगी। उसका मानना है कि इससे श्रद्धालु भी विधि-विधान के साथ विसर्जन कर सकेंगे और पर्यावरण पर पड़ने वाला असर भी घटेगा। सिवान ने प्रशासन से यह भी मांग की कि विसर्जन वाले दिन तालाबों और घाटों पर एक विशेष टीम तैनात की जाए जो लोगों को पूजन सामग्री सीधे पानी में डालने से रोके। साथ ही सभी गणेश समितियों को पहले से तय विसर्जन स्थल की जानकारी भी दी जाए ताकि वे उसी स्थान पर प्रतिमा विसर्जन करें।
प्रशासन ने दिया भरोसा
दरअसल जनसुनवाई में पांच साल के बच्चे की पहल ने अधिकारियों का भी ध्यान खींचा। जिला पंचायत सीईओ अखिलेश जैन ने सिवान से बातचीत की और उसके आवेदन को गंभीरता से लेने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि विसर्जन व्यवस्था को लेकर जल्द प्रक्रिया शुरू करने का प्रयास किया जाएगा और संबंधित विभागों के साथ इस पर चर्चा होगी।






