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बेटे के जन्म के 3 महीने बाद परिणीति चोपड़ा ने पोस्टपार्टम पर की बात, बताया- सुबह फोन से दूरी और मंत्र जाप से मिलती है शांति

Written by:Banshika Sharma
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अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा ने बेटे के जन्म के तीन महीने बाद पोस्टपार्टम के अनुभव पर खुलकर बात की है। उन्होंने अपने व्लॉग में बताया कि कैसे सुबह फोन से दूर रहकर और मंत्रों का जाप करके वह खुद को मानसिक रूप से शांत और मजबूत रखती हैं।
बेटे के जन्म के 3 महीने बाद परिणीति चोपड़ा ने पोस्टपार्टम पर की बात, बताया- सुबह फोन से दूरी और मंत्र जाप से मिलती है शांति

बॉलीवुड अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा पिछले साल अक्टूबर 2023 में मां बनी थीं। बेटे के जन्म के करीब तीन महीने बाद अब उन्होंने पोस्टपार्टम यानी प्रसव के बाद होने वाली चुनौतियों पर खुलकर बात की है। फिल्मों से दूर परिणीति इन दिनों अपने बेटे की परवरिश पर ध्यान दे रही हैं और व्लॉग के जरिए फैंस से जुड़ी रहती हैं।

अपने नए व्लॉग में परिणीति ने बताया कि मां बनने के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई है। उन्होंने इस दौरान मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के अपने तरीके साझा किए हैं। परिणीति का मानना है कि इस समय में पॉजिटिव रहना शरीर को भी मजबूत बनाता है।

‘सुबह उठते ही फोन देखना सबसे बुरी आदत’

परिणीति ने अपनी एक आदत के बारे में बताया जिसे वह हर किसी को अपनाने की सलाह देती हैं। उन्होंने सुबह उठते ही फोन इस्तेमाल करने की आदत को बेहद नुकसानदायक बताया।

“सबसे बुरी आदत ये है कि लोग जागते ही फोन स्क्रॉल करना शुरू कर देते हैं। इससे आपका दिमाग सुन्न हो जाता है। अगर आप सुबह उठकर अपने फोन को नजरअंदाज करते हैं, एक घंटे के लिए बोर हो जाते हैं, बैठते हैं, संगीत सुनते हैं, नेचर में जाते हैं और पक्षियों की आवाज सुनते हैं तो इससे आपको शांत रहने में मदद मिलती है।” — परिणीति चोपड़ा

उन्होंने कहा कि यह एक छोटा सा बदलाव मानसिक शांति के लिए बहुत कारगर साबित हो सकता है।

मंत्र जाप से दिन की शुरुआत

मानसिक शांति के लिए परिणीति आध्यात्म का भी सहारा लेती हैं। उन्होंने बताया कि वह अपने दिन की शुरुआत मंत्रों के जाप से करती हैं, जो उन्हें दिनभर सकारात्मक रहने में मदद करता है।

“मंत्रों का जाप करें, मैं यही करती हूं। सुबह उठते ही हनुमान चालीसा का जाप करती हूं या फिर नमामि शमीशम का जाप करती हूं। इस तरह से मैं अपने दिन की शुरुआत करना पसंद करती हूं।” — परिणीति चोपड़ा

परिणीति ने आगे कहा कि इस रूटीन से उन्हें दिन में होने वाली किसी भी अच्छी या बुरी परिस्थिति पर अपनी प्रतिक्रिया को नियंत्रित करने में मदद मिलती है, क्योंकि वह मानसिक रूप से एक बेहतर स्थिति में होती हैं।