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छत्तीसगढ़ के मंत्री राजेश अग्रवाल पर कथावाचक ने लगाया 15 लाख रुपये न देने का आरोप, विधानसभा के बाहर आत्मदाह की दी चेतावनी

Written by:Banshika Sharma
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छत्तीसगढ़ में कथावाचक डॉ. रामानुरागी ने पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल पर श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन के बाद 15 लाख रुपये का भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर विधानसभा के बाहर आत्मदाह की चेतावनी दी है, जिसके बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है।
छत्तीसगढ़ के मंत्री राजेश अग्रवाल पर कथावाचक ने लगाया 15 लाख रुपये न देने का आरोप, विधानसभा के बाहर आत्मदाह की दी चेतावनी

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सियासत में एक कथावाचक के आरोपों से भूचाल आ गया है। कथावाचक डॉ. रामानुरागी ने राज्य सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि मंत्री ने कथा कराने के बाद तय राशि का भुगतान नहीं किया। इस मामले को लेकर कथावाचक ने विधानसभा के बाहर आत्मदाह तक की चेतावनी दे डाली है, जिसके बाद कांग्रेस ने भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।

डॉ. रामानुरागी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि 2 से 9 जनवरी के बीच मंत्री राजेश अग्रवाल के अंबिकापुर स्थित लखनपुर गांव में श्रीमद्भागवत कथा का पाठ हुआ था। उनके अनुसार, इस आयोजन के लिए 15 लाख रुपये की देनदारी थी, जिसका भुगतान अब तक नहीं किया गया है।

‘धक्के मारकर बाहर निकाला गया’

कथावाचक ने अपने वीडियो में दावा किया कि जब वह अपने बकाया 15 लाख रुपये मांगने मंत्री के पास गए, तो उन्हें कथित तौर पर धक्के मारकर किनारे कर दिया गया। उन्होंने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा, “सनातन धर्म की यही मर्यादा है क्या? एक संत के साथ घोर अन्याय और अपमान किया जाता है।” उन्होंने यह भी बताया कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, वह विधानसभा के बाहर धरना देंगे और अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

“यदि मेरे पैसे का भुगतान नहीं किया गया तो मैं विधानसभा के बाहर आत्मदाह कर लूंगा और इसके लिए मंत्री जिम्मेदार होंगे।”- डॉ. रामानुरागी, कथावाचक

मंत्री राजेश अग्रवाल ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

दूसरी ओर, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि कथावाचक ने भागवत कथा आयोजन के लिए संस्कृति विभाग में आवेदन दिया था। अग्रवाल ने बताया, “मैंने उनके आवेदन को रिमार्क किया था, जैसा मैं अन्य सभी के आवेदनों पर करता हूं। संस्कृति विभाग ऐसे आयोजनों के लिए फंड स्वीकृत नहीं करता है, इसलिए विभाग ने उक्त आवेदन को रद्द कर दिया।”

मंत्री ने स्पष्ट किया कि आवेदन रद्द होने पर कथावाचक अब उनसे पैसे मांग रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि न तो उन्होंने कथा के आयोजन के लिए कहा था और न ही उन पर कोई देनदारी बनती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि वह लखनपुर में आयोजित उस भागवत कथा में शामिल भी नहीं हुए थे।

कांग्रेस ने साधा निशाना

इस पूरे प्रकरण पर कांग्रेस ने भाजपा सरकार को घेरने का मौका नहीं छोड़ा। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता धनंजय ठाकुर ने कथावाचक का वीडियो अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा, “यह बेहद शर्मनाक स्थिति है। एक ओर सरकार दूसरे राज्य के कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री को प्लेन में बैठाकर बुलाती है, तो वहीं छत्तीसगढ़ के कथावाचकों का पैसा तक नहीं दिया जा रहा है।” इस घटना ने राज्य में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर शुरू कर दिया है।

Banshika Sharma
लेखक के बारे में
मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma
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