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कोरबा में जनता कांग्रेस अध्यक्ष अमित जोगी का खटिया खड़ी आंदोलन कुछ घंटों में समाप्त, BALCO प्रबंधन द्वारा 3 मांगें मानने का किया दावा

Written by:Gaurav Sharma
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कोरबा स्थित बालको प्लांट के बाहर जनता कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने असंगठित मजदूरों के समर्थन में 'खटिया खड़ी आंदोलन' किया। कुछ घंटे चले इस प्रदर्शन के बाद जोगी ने दावा किया कि प्रबंधन ने उनकी तीन प्रमुख मांगें मान ली हैं, जिसके बाद आंदोलन को सफल बताते हुए समाप्त कर दिया गया।
कोरबा में जनता कांग्रेस अध्यक्ष अमित जोगी का खटिया खड़ी आंदोलन कुछ घंटों में समाप्त, BALCO प्रबंधन द्वारा 3 मांगें मानने का किया दावा

कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा में जनता कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी द्वारा बालको (BALCO) प्लांट के बाहर आयोजित ‘खटिया खड़ी आंदोलन’ कुछ ही घंटों में समाप्त हो गया। असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई का दावा करने वाले इस आंदोलन को जोगी ने सफल बताया है। उन्होंने कहा कि बालको प्रबंधन ने उनकी तीन प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है।

यह पूरा घटनाक्रम बालको के परसाभाटा स्थित गेट के सामने हुआ, जहां अमित जोगी ने अपने समर्थकों के साथ टेंट लगाकर प्रदर्शन शुरू किया। उन्होंने मजदूरों की समस्याओं का जिक्र करते हुए गेट की तरफ बढ़ने का प्रयास किया, जिस दौरान उनकी पुलिस के साथ हल्की खींचातानी भी हुई।

पिता की राह पर आंदोलन का दावा

मीडिया से बातचीत में अमित जोगी ने इस आंदोलन को अपने पिता और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के 2004 के आंदोलन से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा, “जिस तरह मेरे पिताजी ने 2004 में बालको में मजदूरों के हक के लिए संघर्ष किया था, उसी तर्ज पर मैंने भी यह आंदोलन किया है।”

“हमारा खटिया खड़ी आंदोलन सफल रहा है। प्रबंधन ने हमारी तीन मांगें स्वीकार कर ली हैं।”- अमित जोगी, प्रदेश अध्यक्ष, जनता कांग्रेस

अमित जोगी ने यह भी आरोप लगाया कि मजदूरों को आंदोलन में शामिल होने से रोकने के लिए धमकाया गया था। उन्होंने दावा किया कि आदेश जारी किया गया था कि जो भी प्रदर्शन में शामिल होगा, उसे काम और अन्य सुविधाओं से वंचित कर दिया जाएगा। इसी के विरोध में वह खुद बालको की यूनिफॉर्म पहनकर आंदोलन करने पहुंचे।

कुछ घंटों में समापन पर उठे सवाल

बहु-प्रचारित आंदोलन का कुछ ही घंटों में समाप्त हो जाना चर्चा का विषय बन गया है। इस पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे अमित जोगी की सफलता बता रहे हैं, तो वहीं कुछ इसे प्रबंधन की कुशलता मान रहे हैं कि बिना किसी बड़े विवाद के प्रदर्शन समाप्त हो गया। बहरहाल, यह आंदोलन बड़ी कुशलता के साथ संपन्न करा लिया गया।

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