चंडीगढ़: अपने नए हरियाणवी गाने ‘टटीरी’ के बोल और फिल्मांकन को लेकर विवादों में फंसे मशहूर गायक और रैपर बादशाह (आदित्य सिसोदिया) की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। राज्य महिला आयोग की ओर से गिरफ्तारी के आदेश जारी होने के बाद अब राज्य बाल अधिकार एवं संरक्षण आयोग ने भी इस मामले पर कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने गाने के वीडियो में स्कूल ड्रेस पहने कलाकारों को आपत्तिजनक तरीके से दिखाने पर संज्ञान लेते हुए बादशाह, वीडियो डायरेक्टर और एक अन्य को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर जवाब तलब किया है।
यह पूरा विवाद ‘टटीरी’ गाने के बोल और उसके म्यूजिक वीडियो को लेकर खड़ा हुआ है। कई सामाजिक संगठनों और लोगों ने गाने के बोल को ‘अमर्यादित’ और महिलाओं के प्रति अपमानजनक बताया है। इसके साथ ही, वीडियो में स्कूल यूनिफॉर्म पहने कलाकारों को बस पर चढ़कर डांस करते और पढ़ाई से बेपरवाह दिखाने वाले दृश्यों पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
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बाल अधिकार आयोग ने इन बिंदुओं पर मांगा जवाब
राज्य बाल अधिकार एवं संरक्षण आयोग को मिली शिकायतों में कहा गया है कि गाने का वीडियो बच्चों की छवि और शिक्षा के प्रति एक नकारात्मक संदेश देता है। इन शिकायतों का संज्ञान लेते हुए आयोग ने 13 मार्च को एक नोटिस जारी किया। यह नोटिस गायक बादशाह, वीडियो के डायरेक्टर महावीर सिंह संधू (माही संधू) और जोबन संधू को भेजा गया है। आयोग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों में संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आयोग ने मुख्य रूप से इन सवालों पर स्पष्टीकरण मांगा है:
- वीडियो में स्कूल ड्रेस में दिखे कलाकारों की वास्तविक उम्र क्या है? यदि कोई कलाकार 18 वर्ष से कम आयु का है, तो क्या उनके अभिभावकों से लिखित सहमति ली गई थी?
- क्या शूटिंग के दौरान बाल कलाकारों से संबंधित नियमों और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह से पालन किया गया था?
- वीडियो में जींद रोडवेज की बस पर डांस करने के लिए क्या संबंधित विभाग से अनुमति प्राप्त की गई थी?
- वीडियो में जींद के सच्चा खेड़ा स्थित स्कूल को दिखाया गया है। क्या इसके लिए शिक्षा विभाग से कोई अनुमति ली गई थी?
महिला आयोग पहले ही दे चुका है गिरफ्तारी के आदेश
इससे पहले, राज्य महिला आयोग इस मामले में बादशाह के खिलाफ कड़ा कदम उठा चुका है। आयोग की चेयरपर्सन रेणू भाटिया ने बादशाह को 13 मार्च को पानीपत में हुई एक जनसुनवाई में पेश होने के लिए नोटिस भेजा था। जब बादशाह उस सुनवाई में नहीं पहुंचे, तो चेयरपर्सन ने पुलिस को उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर आयोग के समक्ष पेश करने के आदेश जारी कर दिए थे। इस मामले में बादशाह के खिलाफ पंचकूला और जींद में प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज हो चुकी है। अब दो-दो आयोगों की कार्रवाई के बाद बादशाह की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।