सिनेमा की दुनिया में अक्सर बड़े बजट और सुपरस्टार्स वाली फिल्में ही सुर्खियां बटोरती हैं, लेकिन कुछ फिल्में अपनी कहानी के दम पर दर्शकों के दिलों में खास जगह बना लेती हैं। ऐसी ही एक दक्षिण भारतीय फिल्म है ‘केयर ऑफ कंचारपालेम’, जो साल 2018 में रिलीज हुई थी।
बिना किसी बड़े सितारे या भारी-भरकम बजट के बनी इस फिल्म ने अपनी अनूठी कहानी और प्रस्तुति से समीक्षकों और दर्शकों, दोनों का दिल जीत लिया। इसका प्रमाण इसकी IMDb रेटिंग है, जो आज भी 8.8 पर कायम है। यह फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म Amazon Prime Video पर हिंदी डबिंग के साथ उपलब्ध है।
चार कहानियों का खूबसूरत संगम
यह फिल्म एक एंथोलॉजी है, जिसमें विशाखापत्तनम के एक छोटे से इलाके ‘कंचारपालेम’ में रहने वाले चार अलग-अलग उम्र के किरदारों की प्रेम कहानियों को एक साथ बुना गया है। इसका कॉन्सेप्ट कुछ हद तक ‘लाइफ इन अ मेट्रो’ जैसा है, जहां कई कहानियां एक साथ चलती हैं।
फिल्म में ये चार कहानियां दिखाई गई हैं:
पहली कहानी: एक स्कूल जाने वाले लड़के की, जिसे अपनी सहपाठी से प्यार हो जाता है।
दूसरी कहानी: एक स्थानीय कार्यकर्ता और एक मध्यमवर्गीय लड़की के बीच पनपते प्यार और संघर्ष की है।
तीसरी कहानी: एक शराब की दुकान पर काम करने वाले कर्मचारी और एक सेक्स वर्कर के बीच के भावनात्मक लगाव को दर्शाती है।
चौथी कहानी: एक 49 वर्षीय अविवाहित सरकारी कर्मचारी और 42 वर्षीय विधवा के बीच विकसित होते सम्मान और प्रेम की है।
क्यों खास है यह फिल्म?
इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें पेशेवर कलाकारों की जगह कंचारपालेम के स्थानीय निवासियों को ही कास्ट किया गया, जिससे कहानी में एक अनोखी वास्तविकता आती है। फिल्म सिर्फ रोमांस तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के उस पहलू पर भी चोट करती है, जहां प्यार से ज्यादा ‘लोक-लाज’ को महत्व दिया जाता है।
फिल्म का क्लाइमेक्स बेहद अप्रत्याशित और चौंकाने वाला है, जो दर्शकों पर एक गहरा प्रभाव छोड़ता है। अगर आप एक अच्छी कहानी वाली फिल्म देखना चाहते हैं, तो ‘केयर ऑफ कंचारपालेम’ एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है।





