बॉलीवुड के चहेते अभिनेता वरुण धवन अपनी फिल्मों से लोगों को हंसाने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने अपने जीवन का एक ऐसा पहलू साझा किया है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। जब एक पिता अपनी नन्ही बेटी के दर्द के बारे में बात करता है, तो वह सिर्फ एक खबर नहीं रह जाती, बल्कि एक एहसास बन जाती है।
वरुण धवन की बेटी लारा को चलने में दिक्कत होना और उसके पीछे की वजह सामने आना हर माता-पिता के लिए एक अहम संदेश लेकर आया है। यह कहानी सिर्फ एक स्टार की नहीं, बल्कि हर उस परिवार की है, जो अपने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित रहता है।
DDH बीमारी क्या है और कैसे असर डालती है
डेवलपमेंटल डिसप्लेसिया ऑफ हिप यानी DDH एक ऐसी स्थिति है, जिसमें बच्चे के कूल्हे का जोड़ अपनी सही जगह पर नहीं रहता। इस बीमारी में हिप का जोड़ सॉकेट से खिसक जाता है, जिससे बच्चे के शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है। इसका सीधा असर बच्चे की चाल पर पड़ता है और वह ठीक से चल या दौड़ नहीं पाता।
इस बीमारी में कई बार पैर की लंबाई में फर्क भी दिखाई देने लगता है, जिससे बच्चा टेढ़ा चलने लगता है। अगर समय पर इसका इलाज न किया जाए, तो आगे चलकर आर्थराइटिस और स्लिप डिस्क जैसी गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं। यही वजह है कि डॉक्टर शुरुआती उम्र में ही इसकी पहचान को बेहद जरूरी मानते हैं।
वरुण धवन की बेटी को क्यों हुई चलने में दिक्कत
वरुण धवन ने बताया कि उनकी बेटी लारा को यह समस्या तब पता चली, जब वह करीब डेढ़ साल की थी। उस समय परिवार को महसूस हुआ कि वह सामान्य बच्चों की तरह चल नहीं पा रही है। धीरे-धीरे यह स्पष्ट हुआ कि उसकी मूवमेंट में कुछ अलग है, जिसके बाद डॉक्टर से जांच करवाई गई।
जांच के दौरान पता चला कि लारा DDH बीमारी से जूझ रही है। इस स्थिति में हिप का सही विकास नहीं हो पाता, जिससे बच्चे का संतुलन बिगड़ जाता है। यही कारण था कि लारा को चलने और दौड़ने में परेशानी हो रही थी। यह किसी भी माता-पिता के लिए बेहद चिंता का समय होता है, क्योंकि बच्चा अपनी परेशानी खुद नहीं बता पाता।
2.5 महीने तक कास्ट में रही लारा
इस स्थिति में सबसे राहत की बात यह रही कि लारा को सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ी। डॉक्टरों ने एक खास प्रोसीजर के जरिए उसके हिप को सही जगह पर सेट किया। लेकिन इसके बाद उसे करीब ढाई महीने तक स्पाइका कास्ट में रहना पड़ा।
स्पाइका कास्ट एक ऐसा प्लास्टर होता है, जिसमें बच्चे को लगभग स्थिर स्थिति में रखा जाता है ताकि हिप अपनी सही जगह पर बना रहे। इस दौरान बच्चे को एनेस्थीसिया देना पड़ा, जो किसी भी माता-पिता के लिए बेहद मुश्किल अनुभव होता है।
वरुण धवन ने इस दौर को बेहद भावुक बताते हुए कहा कि अपनी छोटी सी बच्ची को इस हालत में देखना उनके लिए बहुत कठिन था। हालांकि अब कास्ट हट चुका है और लारा धीरे-धीरे ठीक हो रही है, जिससे परिवार को राहत मिली है।
माता-पिता के लिए वरुण धवन की खास अपील
इस अनुभव के बाद वरुण धवन ने सभी माता-पिता से एक महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने कहा कि बच्चों की हर छोटी गतिविधि पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। अगर बच्चा चलने में देरी कर रहा है या उसकी चाल सामान्य नहीं लग रही, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआती उम्र में ही डॉक्टर से सलाह लेने से बड़ी समस्याओं से बचा जा सकता है। वरुण ने अपनी यह कहानी इसलिए साझा की ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग DDH जैसी बीमारी के बारे में जान सकें और समय रहते सावधानी बरत सकें।
बेटी के जन्म के बाद बदले वरुण धवन
वरुण धवन और उनकी पत्नी नताशा दलाल ने 2024 में अपनी बेटी लारा का स्वागत किया था। बेटी के जन्म के बाद वरुण के जीवन में बड़ा बदलाव आया है।उन्होंने खुद बताया कि अब वह पहले से ज्यादा संवेदनशील और जिम्मेदार हो गए हैं। अपनी बेटी के लिए उनका प्यार और चिंता साफ दिखाई देती है। वह हर हाल में अपनी बेटी को खुश और स्वस्थ देखना चाहते हैं।






