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राज्यसभा सांसद राम मोकरिया को भाजपा कार्यक्रमों से दूर रखने की चर्चा तेज, आमंत्रण पत्रों से नाम भी हटाया गया

Written by:Neha Sharma
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राजकोट शहर भाजपा में इन दिनों एक अंदरूनी विवाद तूल पकड़ता नजर आ रहा है। सूत्रों के मुताबिक, राज्यसभा सांसद रामभाई मोकरिया को राजकोट महानगरपालिका और शहर भाजपा द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में आमंत्रित न करने का निर्णय लिया गया है।
राज्यसभा सांसद राम मोकरिया को भाजपा कार्यक्रमों से दूर रखने की चर्चा तेज, आमंत्रण पत्रों से नाम भी हटाया गया

राजकोट शहर भाजपा में इन दिनों एक अंदरूनी विवाद तूल पकड़ता नजर आ रहा है। सूत्रों के मुताबिक, राज्यसभा सांसद रामभाई मोकरिया को राजकोट महानगरपालिका और शहर भाजपा द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में आमंत्रित न करने का निर्णय लिया गया है। बताया जा रहा है कि उनके व्यवहार और भाषा को लेकर कुछ नेताओं ने संगठन में शिकायतें दर्ज करवाई थीं, जिसके बाद यह कदम उठाया गया। हालांकि, शहर भाजपा अध्यक्ष माधव दवे ने इस तरह के किसी फैसले की औपचारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि उन्होंने यह निर्णय प्रदेश भाजपा नेतृत्व से चर्चा के बाद ही लिया है।

आमंत्रण पत्रों से राम मोकरिया का हटाया गया नाम

इस विवाद की शुरुआत वॉर्ड नंबर 13 और 14 में आयोजित नंदघर लोकापर्ण कार्यक्रम से हुई। इस कार्यक्रम की आमंत्रण पत्रिका में केंद्रीय मंत्री और सांसद पुरुषोत्तम रूपाला, स्थानीय विधायकों और महापौर समेत नगर निगम के पदाधिकारियों के नाम थे, लेकिन राज्यसभा सांसद राम मोकरिया का नाम अनुपस्थित था। इससे स्थानीय राजनीति में हलचल मच गई और यह सवाल उठने लगा कि क्या उन्हें जानबूझकर नजरअंदाज किया गया।

इस पर सफाई देते हुए महापौर नयनाबेन पेढडिया ने कहा कि रामभाई इन दिनों दिल्ली में राज्यसभा सत्र में व्यस्त हैं, इसलिए वे राजकोट नहीं आ सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें कार्यक्रमों से दूर रखने जैसा कोई औपचारिक निर्णय नहीं लिया गया है। वहीं, डिप्टी मेयर नरेंद्रसिंह जाडेजा ने भी कहा कि भाजपा एक परिवार है और इसमें कोई खटास नहीं है। रामभाई हमारे वरिष्ठ हैं और संगठन में सभी को आदर के साथ देखा जाता है।

हालांकि, सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में एक बैठक के दौरान जब प्रभारी मंत्री राघवजी पटेल मौजूद थे, तब राम मोकरिया ने शहर में पड़े गड्ढों के मुद्दे पर खुले मंच से शहर भाजपा अध्यक्ष माधव दवे को फटकार लगाई थी। यह बात प्रदेश नेतृत्व तक पहुंची और तभी से पार्टी कार्यक्रमों की सूची और आमंत्रण पत्रिकाओं से उनका नाम हटाया जाने लगा है। माना जा रहा है कि प्रदेश भाजपा ने मौन सहमति देकर इस फैसले को हरी झंडी दे दी है।