जबलपुर।संदीप कुमार।
माँ नर्मदा के ग्वारीघाट तट पर 24 फरवरी से चल रहा नर्मदा गौ कुम्भ के आज अंतिम दिन साधु संत और अखाड़ो ने शाही स्नान किया और माँ नर्मदा में आस्था की डुबकी लगाई।स्नान से पहले गीताधाम कुम्भ स्थल से साधु संत और अखाड़ो का शाही जलूस ढोल नगाड़ों के साथ धूमधाम से निकला।यह शाही जलूस गीताधाम कुम्भ स्थल से रेल्वे स्टेशन,वन विभाग कालोनी,रेत नाका,झण्डा चौक होते हुए उमा घाट पहुँचा।यहाँ पर दिगम्बर, जूना,निर्मोही,निर्माणी अखाड़ो के महामंडलेश्वर और साधु संतों ने शाही स्नान किया।नर्मदा गौ कुम्भ में शाही स्नान को देखने के लिए सैकड़ो श्रद्धालु भी मौजूद रहे।शाही स्नान को लेकर दिगम्बर आखाड़े के महंत योगीराज, शिवमदास महाराज ने बताया कि यह अमृत कुम्भ के रूप में मनाया जाता है शाही स्नान का बहुत महत्व होता है।कहा जाता है कि कुम्भ के दौरान जब साधु संत और आखाड़े शाही स्नान करते है तब उनके साथ 33 करोड़ देवी देवता भी धरती पर उतरकर शामिल होते है।यही वजह है कि आज इस शाही स्नान को देखने सुबह से ही सैकड़ो लोग नर्मदा तट के ग्वारीघाट में मौजूद थे वही लोगो ने साधु संतों का आशीर्वाद लेकर आस्था की डुबकी लगाई।आज के शाही स्नान के समय जिला प्रशासन और पुलिस भी पूरी तरह से मुस्तेद रही।
नर्मदा गौ कुंभ के अंतिम दिन साधु-संतों ने किया शाही स्नान
Written by:Gaurav Sharma
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इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →






