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बेंगलुरु में CM मोहन यादव के सामने 1200 करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव, ग्वालियर TMZ से चिप डिजाइन तक कंपनियों ने दिखाई रुचि

सीएम मोहन यादव बेंगलुरू में आयोजित वन-टू-वन बैठकों में शामिल हुए। उनके सामने करोड़ों रुपये के निवेश प्रस्ताव रखे गए हैं। चिप डिजाइन में 100-100 करोड़ रुपये के दो प्रस्ताव रखे गए हैं। बैठक में ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन पर भी फोकस रहा।  
CM Mohan Yadav

मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर बेंगलुरु पहुंचे सीएम डॉ. मोहन यादव की वन-टू-वन बैठकों में 1,200 करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं। इनमें 210 करोड़ रुपये की GCC यूनिट से लेकर चिप डिजाइन में 100-100 करोड़ रुपये के दो प्रस्ताव शामिल हैं। प्रदेश के स्टार्टअप्स के लिए करीब 200 करोड़ रुपये की फंडिंग का प्लान भी सामने आया है।

22 सितंबर को हुई इन बैठकों में केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद रहे। सीएम ने ग्वालियर में तैयार किए जा रहे टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) को भी कंपनियों के सामने रखा। इसके अलावा डेटा सेंटर, ड्रोन, स्पेसटेक और मोबिलिटी से जुड़ी कंपनियों ने मध्यप्रदेश में काम बढ़ाने में रुचि दिखाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि, “बेंगलुरु में ग्वालियर के टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन को लेकर निवेशकों की ओर से काफी अच्छे प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। ग्वालियर में विकसित किए गए इस जोन में लगभग 5,000 करोड़ रुपये का निवेश पहले ही आ चुका है। अब करीब 1,200 करोड़ से अधिक रुपये के नए निवेश प्रस्ताव भी प्राप्त हुए हैं।”

GCC में 210 करोड़, चिप डिजाइन में 200 करोड़ के प्रस्ताव

GCC सेक्टर में थोलोन्स ने मध्यप्रदेश में 210 करोड़ रुपये से यूनिट लगाने का प्रस्ताव रखा है। कंपनी के अविनाश वशिष्ठ और अंकिता वशिष्ठ ने इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देने को लेकर सीएम से बातचीत की। इसी सेक्टर में सीजीआई ने भी प्रदेश में अपना काम बढ़ाने में रुचि दिखाई है।

चिप डिजाइन में असेइक मावेन सिलिकॉन और कोर-आईसी टेक्नोलॉजीज ने 100-100 करोड़ रुपये के निवेश की योजना रखी है। असेइक मावेन सिलिकॉन 100 करोड़ रुपये से चिप डिजाइन हाउस बनाना चाहती है, जिसकी शुरुआत 25 करोड़ रुपये के निवेश से करने की योजना है। वहीं, कोर-आईसी टेक्नोलॉजीज ने अलग-अलग चरणों में 100 करोड़ रुपये लगाकर चिप डिजाइन से जुड़ा काम शुरू करने पर सहमति जताई है।

स्टार्टअप्स के लिए 200 करोड़ की फंडिंग का प्लान

मध्यप्रदेश के स्टार्टअप्स के लिए डीपटेक वेंचर कैपिटल फंड ‘सीफंड’ ने करीब 200 करोड़ रुपये की फंडिंग का प्लान रखा है। इसके साथ नई तकनीक से जुड़े दूसरे क्षेत्रों की कंपनियों ने भी प्रदेश में अपनी योजनाएं सामने रखीं। नाइनस्टार्स इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज ने मध्यप्रदेश में आधुनिक डेटा सेंटर बनाने का प्रस्ताव रखा। स्पेसटेक कंपनी गैलेक्सी ने प्रदेश में अपना काम बढ़ाने में रुचि दिखाई। रैपिडो ने मोबिलिटी और बाइक शेयरिंग से जुड़ी योजनाएं रखीं, जबकि डोनाउ कार्बन इंडिया ने पर्यावरण और सस्टेनेबिलिटी से जुड़े अपने काम की जानकारी दी।

ड्रोन सेक्टर में एयरबाउंड, आइडियाफोर्ज, नॉटिकल विंग्स, न्यूस्पेस रिसर्च एंड टेक्नोलॉजीज और अनमैन्ड सिस्टम्स ने मध्यप्रदेश में ड्रोन बनाने और उनकी टेस्टिंग से जुड़े अवसरों को लेकर अपनी योजनाएं रखीं। एयरबाउंड की ओर से सीएम डॉ. मोहन यादव को एक ड्रोन भी भेंट किया गया। एचपी एंटरप्राइजेज, जेडस्केलर, फुजित्सु कंसल्टिंग इंडिया और इनफिनिटी इंडिया सहित टेक और कंसल्टिंग सेक्टर की दूसरी कंपनियों के प्रतिनिधि भी सीएम से मिले।

ग्वालियर TMZ में टेलीकॉम के साथ रिसर्च और नई तकनीक पर फोकस

बेंगलुरु में हुई बैठकों में ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन पर भी खास फोकस रहा। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कंपनियों को बताया कि यहां टेलीकॉम उपकरण बनाने के साथ रिसर्च और नई तकनीक पर काम करने वाली कंपनियों को भी लाने की तैयारी है।  उन्होंने यह भी कहा कि, “टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की उपलब्ध भूमि लगभग पूरी होने वाली है। ऐसे में अब हमें इसके दूसरे  फेज की शुरुआत करनी होगी। अगले एक-दो महीने में फेज-2 का काम शुरू हो जाएगा। इससे लगभग 20 हजार लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।”

सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि, “निवेशकों की जरूरत के मुताबिक सरकार सुविधाएं दे रही है। उन्होंने बताया कि रोड शो में वरिष्ठ अधिकारियों को साथ रखने की वजह यही है कि यदि कंपनियों की ओर से बातचीत के दौरान कोई मुद्दा सामने आता है, तो उसी समय उस पर फैसला लिया जा सके।”

सीएम ने यह भी कहा कि, “नए उद्योगों को केवल इंदौर, उज्जैन और भोपाल तक सीमित नहीं रखा जाएगा। ग्वालियर और जबलपुर संभाग में भी उद्योग बढ़ाने पर काम किया जा रहा है। छोटे शहरों में बड़े उद्योगों के साथ एमएसएमई और छोटे-कुटीर उद्योगों को बढ़ाने पर भी जोर रहेगा, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए मौके बन सकें।”

Manisha Kumari Pandey
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