ग्वालियर की सेशन कोर्ट ने तीन साल पहले हुए बहुचर्चित अक्षया यादव हत्याकांड के चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है , इस हत्याकांड में चार और आरोपी हैं लेकिन वे नाबालिग हैं जिनकी अलग से सुनवाई चल रही है। पुलिस ने आरोपियों को दिल्ली, महाराष्ट्र और राजस्थान से गिरफ्तार किया मृतका पूर्व डीजीपी की नातिन होने से हाई प्रोफाइल हो गया, पुलिस ने फरार हुए मुख्य आरोपी सुमित रावत पर 30 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था
मामला 10 जुलाई 2023 का है, पूर्व डीजीपी सुरेंद्र सिंह यादव की नातिन ‘अक्षया यादव’ (अक्षरा) अपनी सहेली सोनाक्षी शर्मा के साथ कोचिंग से लौट रही थी तभी माधवगंज थाना क्षेत्र के बेटी बचाओ चौराहे पर सुमित रावत नामक बदमाश ने अपने साथियों के साथ गोली मार दी थी, घटना में सोनाक्षी बाल बाल बची उसने घायल अक्षया को अस्पताल पहुंचाया जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, पूछताछ में मालूम चला कि बदमाश तो सोनाक्षी की हत्या करने आये थे लेकिन गोली अक्षया को लग गई और उसकी मौत हो गई।
पूर्व डीजीपी की नातिन थी मृतका
इस घटना के बाद शहरवासियों में गुस्सा भर दिया, दिन दहाड़े हुई इस हत्या ने शहर में बेटियों की सुरक्षा को लेकर चुनता बढ़ा दी, पूर्व डीजीपी की नातिन की हत्या की खबर से पुलिस के अफसरों के कान खड़े हो गए, मामला हाई प्रोफाइल होने से इसकी गूंज भोपाल तक पहुंची, पुलिस ने तत्काल एक्शन लेते हुए जानकारी जुताई तो एक आरोपी को रात में ही डबरा से पकड़ लिया, फिर मशकक्त के बाद अन्य 7 आरोपियों को दिल्ली , महाराष्ट्र और राजस्थान से पकड लिया।
मुख्य आरोपी पर था 30 हजार का इनाम
पुलिस जब मुख्य आरोपी सुमित रावत को महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर लौट रही थी तब उसमें टॉयलेट के लिए गाड़ी रुकवाई और भागने की कोशिश की इस दौरान पुलिस ने उसका पीछा किया और पकड़ लिया, जिसमें उसका पैर टूट गया, पुलिस ने उसपर 30 हजार रुपये का इनाम रखा था, पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जिसके बाद उनको जेल भेज दिया गया।
चार आरोपियों को आजीवन कारावास
घटना के बाद सोनाक्षी के घर पर हमले हुए, पुलिस ने मुख्य आरोपी सुमित का रिकॉर्ड खंगाला तो उसका घर अवैध निकला जिसपर बुलडोजर चला दिया गया, इधर न्यायालय में मामले की सुनवाई जारी थी, अक्षया के परिजन आरोपियों को फंसी देने की मांग कर रहे थे, शासकीय अधिवक्ता धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि आज सेशन कोर्ट ने हत्याकांड में शामिल चार बालिग आरोपियों सुमित रावत, उपदेश उर्फ़ मोंटी रावत , पृथ्वीराज चौहान और राहुल को आजीवन कारवास की सजा सुनाई है नाबालिग आरोपियों के प्रकरण की सुनवाई अभी चल रही है।






