ग्वालियर चंबल अंचल के लोगों को भारत सरकार ने आज एक तोहफा दिया है, लंबे समय से चली आ रही एक मांग को मोदी सरकार ने पूरा कर दिया और आज उसका शुभारंभ हो गया, ये तोहफा है ग्वालियर से बेंगलुरु सीधी ट्रेन सेवा का, आज केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अन्य अतिथियों के साथ नई ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया कार्यक्रम में केंद्रीय रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव वर्चुअली जुड़े और हरी झंडी दिखाई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ग्वालियर-चंबल अंचल को भारत सरकार के माध्यम से एक बड़ी रेल सुविधा उपलब्ध हुई है। अंचल के लोग अब ग्वालियर से सीधे बेंगलुरु पहुंच सकेंगे। युवाओं के लिये यह विशेष तौर पर तोहफा है। साप्ताहिक ग्वालियर – बेंगलुरु रेल सुविधा से आईटी के क्षेत्र में अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों को विशेष लाभ मिलेगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि रेल मंत्रालय से मध्य प्रदेश को रेल सुविधाओं के क्षेत्र में अनेक सौगातें प्राप्त हुई हैं। प्रदेश के लगभग 80 रेलवे स्टेशनों जिसमें ग्वालियर भी शामिल है, का जीर्णोद्धार किया जा रहा है।
MP में चल रहे 24 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट : रेलमंत्री
केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ग्वालियर-चंबल अंचल के लिये ग्वालियर से बेंगलुरु तक चलने वाली गाड़ी क्र.- 11086/85 बड़ी सौगात है। इस रेल के शुरू होने से ग्वालियर-चंबल संभाग के ऐसे युवा जो आईटी के क्षेत्र में अध्ययन कर रहे हैं उन्हें सीधे बेंगलुरु पहुँचने की बेहतर सुविधा प्राप्त होगी। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि केन्द्र सरकार के माध्यम से रेलवे के क्षेत्र में विकास के मामले में मध्य प्रदेश के लिये अनेक कार्य स्वीकृत किए गए हैं। पिछले एक वर्ष में ही 24 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश को प्रदान किए गए हैं।
ग्वालियर के लिये आज ऐतिहासिक दिन: सिंधिया
केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर के लिये आज ऐतिहासिक दिन है। ग्वालियर को दक्षिण से जोड़ने वाली सुविधा प्रारंभ होने से ग्वालियर-चंबल संभाग के हजारों लोगों को अब सीधे बेंगलुरु पहुँचने के लिये परेशानी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु रेलवे स्टेशन का काम महान इंजीनियर विश्वेश्वरैया के नाम पर है। यह सौभाग्य की बात है कि ग्वालियर की प्यास बुझाने वाले तिघरा डैम की डिजाइन भी स्टेट समय में महान इंजीनियर विश्वेश्वरैया ने तैयार की थी। उनके द्वारा तैयार किया गया डैम आज भी ग्वालियरवासियों की प्यास बुझा रहा है।
ऐतिहासिक शहर ग्वालियर में 1872 में भी थी रेल सुविधा उपलब्ध
सिंधिया ने कहा कि हमारा ग्वालियर ऐसा ऐतिहासिक शहर है जहाँ 1872 में रेल सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। उस समय ग्वालियर से शिवपुरी, श्योपुर व भिण्ड के नागरिकों के लिये उपलब्ध कराई गई थी। उन्होने कहा कि ग्वालियर से प्रारंभ हुई नई रेल सुविधा से न केवल ग्वालियर बल्कि शिवपुरी, गुना, अशोकनगर के लगभग 40 लाख नागरिकों को सुविधा उपलब्ध होगी। आने वाले दिनों में ग्वालियर को रेल मार्ग से कोटा से जोड़ने का कार्य भी किया जायेगा।
मध्य भारत से दक्षिण भारत तक सुलभ हुई कनेक्टिविटी!
ग्वालियर – सर एम विश्वेश्वरैया बेंगलुरु एक्सप्रेस का हरी झंडी दिखाकर शुभारम्भ। pic.twitter.com/NJryaD5wOy— Ministry of Railways (@RailMinIndia) June 26, 2025
ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट






