ग्वालियर शहर की प्यास बुझाने वाला तिघरा जलाशय लबालब हो गया है मानसून की मेहरबानी से अंचल में हो रही तेज बारिश और तिघरा के कैचमेंट एरिया से पानी की लगातार आवक ने इसे इस बार जल्दी ही फुल भर दिया है, निर्धारित मात्रा से अधिक पानी आने के कारण आज इसके तीन गेट खोले गये और करीब चार हजार क्यूसेक पानी निकाला गया।

तिघरा बांध के FTL लेबल से ऊपर जाने के इन्तजार जितना शहरवासियों को रहता है उससे कहीं ज्यादा इसकी निगरानी जल संसाधन विभाग करता है, पिछले कुछ दिनों से लगातार जारी मानसूनी बारिश का पानी तिघरा में पहुंच रहा था जिसके कारण ये उम्मीद थी कि तिघरा के गेट कभी भी खोले जा सकते हैं।

आज रविवार को अधिकारियों ने जब चैक किया तो तिघरा बांध का लेवल 737.80 फ़ीट निकला, जबकि FTL 734 के करीब है, वहीं मौसम विभाग द्वारा आगामी 24 घंटे हेतु जारी ऑरेंज अलर्ट चेतावनी के चलते और तिघरा बांध के जल संग्रहण क्षेत्र में हो रही बारिश के कारण पानी की आवक को देखते हुए निर्णय लिया कि आज शाम गेट खोलकर पानी निकाला जायेगा और सांक नदी में छोड़ा जायेगा।

गेट खोलने से पहले डाउन स्ट्रीम में बसे गांवों को किया अलर्ट

पानी की निर्धारित मात्रा से ऊपर जाते ही आज शाम तिघरा के तीन गेट खोले गए, इससे पहले ही तिघरा की डाउन स्ट्रीम में बसे गाँवों को सतर्क कर दिया गया। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम लगातार निचले इलाके में बसे गाँवों पर नज़र रख रही हैं।  एहितयात के तौर पर एसडीआरएफ टीम को भी सतर्क कर दिया है। उन्होंने तिघरा जलाशय पर पिकनिक मनाने के लिए आने वाले पर्यटकों की  सुरक्षा का ध्यान रखने के भी निर्देश दिए हैं।

जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में खुले गेट

जल संसाधन के अधीक्षण यंत्री राजेश चतुर्वेदी ने बताया कि रविवार की देर शाम तिघरा बांध के तीन गेट  खोलकर लगभग चार हज़ार क्यूसिक पानी निकाला गया है। गेट खोलते समय  उनके अतिरिक्त कार्यपालन यंत्री पंकज सेंगर सहित जल संसाधन विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे।

ये हैं प्रभावित होने वाले गाँव

पानी छोड़े जाने से जो गाँव प्रभावित होते हैं वे हैं ग्वालियर जिले में आने वाले  ग्राम तिघरा, ग्राम कैथा, ग्राम तालपुरा, ग्राम महिदपुर, ग्राम पृथ्वीपुर, ग्राम कुलैथ, ग्राम अगरा भटपुरा, ग्राम दुगनावली व ग्राम तिलघना और मुरैना जिले में आने वाले ग्राम पहाड़ी, ग्राम जखौदा व ग्राम बामोर।

ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट