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रील देखने से रोका, मोबाइल छीन लिया तो दोस्त ने डंडा मारकर कर दी हत्या, आरोपी गिरफ्तार

Written by:Atul Saxena
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गुस्से में लाल दीपक ने सड़क पर पडा एक डंडा उठाया और ऋषिकेष पर हमला कर दिया। दीपक ऋषिकेश पर लगातार डंडे से वार करता रहा जिससे ऋषिकेष गंभीर रूप से घायल हो गया। लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन दीपक में इतना गुस्सा था कि वो नहीं माना और ऋषिकेष ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
रील देखने से रोका, मोबाइल छीन लिया तो दोस्त ने डंडा मारकर कर दी हत्या, आरोपी गिरफ्तार

Mohana Police Station, Gwalior

ग्वालियर में हत्या का एक अजीब मामला सामने आया है, घटना का कारण मोबाइल पर रील देखने से रोकना सामने आया है, आरोपी और मृतक आपस में अच्छे दोस्त थे लेकिन थोड़ी सी गुस्सा ने एक को दुनिया से उठा दिया और दूसरे को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया

मामला ग्वालियर के मोहना थाना क्षेत्र का है, पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक मुरैना के रहने वाले ऋषिकेश सिकरवार और दीपक शाक्य आपस में दोस्त थे, दोनों को मोहना में एक ढाबे प् र्काम मिला था दोनों रविवार को ही मुरैना से ग्वालियर आये थे, दोनों ने काम खत्म होने के बाद खाना खाया और बैठ गए।

मोबाइल पर रील देखने से रोकने पर ले ली जान 

दोनों दोस्त मोहना बायपास पर बैठे थे, बातें कर रहे थे इसी दौरान दीपक अपने मोबाइल पर इंस्टाग्राम की रील देखने लगा, ऋषिकेष ने उसे रील देखने से मना किया और बात करने के लिए कहा लेकिन दीपक नहीं माना तो ऋषिकेश ने उसका मोबाइल छीन लिया और अपनी जेब में रख लिया। इसी बात पर दीपक को गुस्सा आ गया और दोनों में झगडा होने लगा।

लगातार वार से लहूलुहान दोस्त ने दम तोड़ दिया 

झगडा इतना बढ़ गया कि गुस्से में लाल दीपक ने सड़क पर पडा एक डंडा उठाया और ऋषिकेष पर हमला कर दिया। दीपक ऋषिकेश पर लगातार डंडे से वार करता रहा जिससे ऋषिकेष गंभीर रूप से घायल हो गया। लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन दीपक में इतना गुस्सा था कि वो नहीं माना और ऋषिकेष ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया 

घटना की सूचना मिलते ही मोहना थाना प्रभारी रशीद खान अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने फरार आरोपी दीपक की घेराबंदी कर देर रात में उसे पकड़ लिया और पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया। बहरहाल इस घटना के बाद से सवाल उठ रहे हैं कि  मोबाइल पर रील बनाने और उसे देखने की गिरफ्त में आ रहे लोग किस कदर अपनी संयम खोते जा रहे हैं कि उन्हें किसी की जान लेने में भी समय नहीं लगता , इस पर अंकुश लगना जरूरी है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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