Hindi News

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया एक दिवसीय दौरे पर, ऐसा रहेगा कार्यक्रम

Written by:Atul Saxena
Published:
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया एक दिवसीय दौरे पर, ऐसा रहेगा कार्यक्रम

ग्वालियर, अतुल सक्सेना।  केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) एक दिवसीय दौरे पर 9 अप्रैल 2022 को ग्वालियर आएंगे।  आज गुरुवार को उनका संशोधित दौरा कार्यक्रम एक बार फिर जारी हुआ। एक दिवसीय दौरे में सिंधिया धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे, शोक संवेदना व्यक्त करने कुछ पार्टी सदस्यों के घर जाएंगे और कार्यकर्ताओं  की मीटिंग लेंगे।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के कार्यालय से जारी हुए संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक सिंधिया 9 अप्रैल को सुबह 8:10 बजे गतिमान एक्सप्रेस से हजरत निजामुद्दीन स्टेशन से ग्वालियर के लिए बैठेंगे और 11:07 बजे ग्वालियर रेलवे स्टेशन पहुंचेंगे।  यहाँ से वे सीधे अपने निवास जय विलास पैलेस जायेंगे।

सिंधिया 11:45 बजे जय विलास पैलेस से निकलकर मोहना, बैराड़, पोहरी के रास्ते रिचेरा नयागांव करीब 12:15बजे  पहुंचेंगे यहाँ वे भाजपा क प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकेन्द्र पाराशर के चाचा के निधन पर शोक संवेदनाएं व्यक्त करने जायेंगे।

ये भी पढ़ें – लोकायुक्त इंदौर की कार्यवाही, जेई और लाइनमैन को रिश्वत लेते पकड़ा

यहाँ से  निकलकर इसी रास्ते से वापसी करते हुए सिंधिया करीब 2:00 बजे राठखेड़ा, पोहरी जिला शिवपुरी पहुंचेंगे जहाँ वे ब्रह्मचारी राजेश जी महाराज की भागवत कथा में शामिल होंगे।  यहाँ कुछ देर रुकने  सिंधिया 4:30 बजे जौरासी हनुमान मंदिर में आचार्य पुष्पेंद्र कृष्ण दीक्षित महाराज की भागवत कथा में शामिल होंगे।

ये भी पढ़ें – The Kapil Sharma Show की जगह लेगा ये पुराना मशहूर टीवी शो !

जौरासी हनुमान मंदिर पर कथा सुनने के बाद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया 5:15 बजे से 6:00 बजे तक पूर्व न्यायाधीश RC लाहोटी की शोक सभा में शामिल होंगे।  इसके बाद 6:15 बजे से 7:15 बजे तक मुखर्जी भवन में ग्वालियर जिले के कार्यकर्ताओं की मीटिंग लेंगे।  उसके बाद सीधे रेलवे स्टेशन पहुंचकर शताब्दी एक्सप्रेस से दिल्ली लौट जायेंगे।

ये भी पढ़ें – राजनीतिक मामलों के लिए कांग्रेस ने बनाई समिति, कमलनाथ बनाए गए अध्यक्ष

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
Follow Us :GoogleNews