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हरियाणा में जलभराव-ट्रैफिक जाम का मुद्दा गरमाया, गुरुग्राम में वकील ने कोर्ट में दायर की अपील

Written by:Vijay Choudhary
Published:
हरियाणा में जलभराव-ट्रैफिक जाम का मुद्दा गरमाया, गुरुग्राम में वकील ने कोर्ट में दायर की अपील

हरियाणा के गुरुग्राम में नागरिक समस्याओं को लेकर सेशन कोर्ट में वकील मनीष शांडिल्य ने अपील दायर की है। उन्होंने शहर में बार-बार जलभराव, खुले नाले और खराब सीवरेज सिस्टम जैसी समस्याओं को लेकर अदालत से मदद मांगी है। मनीष शांडिल्य का कहना है कि यह मामला सार्वजनिक उपद्रव से जुड़ा हुआ है और आम जनता को राहत दिलाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाना जरूरी हो गया है। इस मुकदमे में दो वादी शामिल हैं, जिन्होंने नागरिकों के हित में यह पहल की है।

अपील में शामिल हैं तीन बड़े अधिकारी

अपील में तीन मुख्य पक्षों को शामिल किया गया है। पहला पक्ष गुरुग्राम नगर निगम के आयुक्त का है, दूसरा उपायुक्त का और तीसरा डीसीपी ट्रैफिक का। वकील का कहना है कि शहर में बुनियादी नागरिक सुविधाओं और सफाई से जुड़ी समस्याओं के लिए ये अधिकारी जिम्मेदार हैं। उनकी जिम्मेदारी है कि शहर में जलभराव, नालों की सफाई और ट्रैफिक व्यवस्था पर ध्यान दें। मनीष शांडिल्य का कहना है कि जब समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं, तो प्रशासन को जवाबदेह ठहराना जरूरी है।

बार-बार जलभराव से जनता बेहाल

गुरुग्राम में बारिश के समय जलभराव की समस्या इतनी बढ़ जाती है कि आम लोग परेशान हो उठते हैं। खुले नाले और सीवरेज की खराब व्यवस्था के कारण कई जगह ट्रैफिक जाम लग जाता है। रोजाना स्कूल जाने वाले बच्चों, ऑफिस आने-जाने वाले लोगों और एंबुलेंस तक को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। पुलिस रिपोर्टों के अनुसार, जलभराव और जाम के कारण कई बार हादसे हो चुके हैं और एफआईआर भी दर्ज की गई हैं। फिर भी समस्या जस की तस बनी हुई है।

करोड़ों खर्च होने के बावजूद हालात जस के तस

हर साल हरियाणा सरकार गुरुग्राम में सड़क, ड्रेनेज और सीवरेज के लिए करीब 100 करोड़ रुपये देती है। यह जिला राज्य का सबसे ज्यादा राजस्व देने वाला इलाका है, लेकिन अब तक साफ नहीं है कि ये पैसे कहां और कैसे खर्च हो रहे हैं। वकील मनीष शांडिल्य का कहना है कि जनता रोजाना परेशानियों में जी रही है और अधिकारियों से जवाब मांगना जरूरी हो गया है। उनका कहना है कि बजट बढ़ाने के बावजूद अगर हालात नहीं सुधरते, तो प्रशासन की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।