हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने राज्य में महिलाओं की गरिमा से जुड़े मुद्दों पर सख्त रुख दिखाते हुए रैपर और गायक बादशाह को सलाह दी है कि वे अपनी प्रस्तुतियों में हरियाणा की संस्कृति का सम्मान बनाए रखें। उनका कहना है कि लोकप्रियता के साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है, इसलिए किसी गीत या मंचीय प्रस्तुति में महिलाओं को अपमानजनक तरीके से पेश नहीं किया जाना चाहिए।
“अगर बादशाह को अपनी लोकप्रियता और पहचान कायम रखनी है तो उन्हें हरियाणा के मान-सम्मान को बनाए रखना होगा।” — रेनू भाटिया
भाटिया ने साफ कहा कि हरियाणा की बहू-बेटियों का सम्मान किसी भी कीमत पर कम नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि महिला आयोग को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही हैं जिनमें हरियाणवी रागनी मंचों और आयोजनों में अश्लील गीत, टिप्पणियां और डांस को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई है। आयोग के अनुसार, इस तरह की सामग्री राज्य की सामाजिक-सांस्कृतिक मर्यादा के अनुरूप नहीं मानी जा सकती।
रागनी मंचों और आयोजनों पर आयोग की चिंता
रेनू भाटिया ने एक रागनी मंच का संदर्भ देते हुए कहा कि कलाकारों को महिला के जज्बे और योगदान पर लिखना चाहिए, न कि उनके चरित्र को गलत तरीके से प्रस्तुत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से आयोग को इस तरह की शिकायतें बढ़ती संख्या में मिल रही हैं।
उन्होंने कार्यक्रमों में दर्शकों के व्यवहार पर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक, कई आयोजनों में बुजुर्ग लोगों तक के महिला डांसरों पर पैसे उड़ाने जैसी घटनाएं सामने आती हैं, जो समाज को गलत संदेश देती हैं। भाटिया ने कहा कि सार्वजनिक मंचों पर ऐसा आचरण महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है और परिवारों के बीच भी अनुचित उदाहरण बनता है।
“पैसे उड़ाकर बहू-बेटियों का अपमान हो रहा है, यह हमारी संस्कृति नहीं है।” — रेनू भाटिया
स्पा सेंटरों पर पुलिस को सख्ती का संदेश
महिला आयोग की चेयरपर्सन ने राज्य में चल रहे स्पा सेंटरों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि स्पा का उद्देश्य स्वास्थ्य और वेलनेस से जुड़ा है, लेकिन यदि इसकी आड़ में गलत गतिविधियां चल रही हैं तो यह स्वीकार्य नहीं है। भाटिया ने कहा कि पुलिस प्रशासन को इस पर प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए और ऐसे मामलों को रोकने के लिए जिला स्तर पर कड़ाई से निगरानी जरूरी है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में एसपी स्तर तक स्पष्ट संदेश दिया गया है कि संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। आयोग का जोर है कि महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा से जुड़े मामलों को सामान्य कानून-व्यवस्था का मुद्दा मानकर नहीं, बल्कि संवेदनशील सामाजिक प्रश्न के रूप में देखा जाए।
हिसार स्कूल वीडियो पर संज्ञान, चेयरपर्सन ने दौरे की बात कही
हिसार के एक स्कूल में बच्चियों को मुर्गा बनाने से जुड़ा वीडियो वायरल होने के मामले पर भी रेनू भाटिया ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे संवेदनशील मामला बताते हुए कहा कि आयोग इस पर संज्ञान लेगा और तथ्यात्मक स्थिति समझी जाएगी।
चेयरपर्सन ने कहा कि वह अगले दिन हिसार जाएंगी, बच्चियों से मिलेंगी और जरूरत पड़ने पर सुरक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। उनके मुताबिक, मामले में जांच के बाद सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
महिला आयोग का कुल संदेश यही है कि मनोरंजन, मंचीय अभिव्यक्ति और संस्थागत अनुशासन—तीनों जगह महिलाओं की गरिमा और अधिकारों से समझौता नहीं होना चाहिए। कलाकारों, आयोजकों, संस्थानों और प्रशासनिक इकाइयों को अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी ताकि शिकायतों के बजाय भरोसा बढ़े।






