रिलीज के तुरंत बाद बादशाह के नए गाने ‘टटिहरी’ को लेकर हरियाणा में विरोध दर्ज हुआ है। विवाद की वजह सिर्फ गीत के बोल नहीं, बल्कि वीडियो में दिखाए गए कुछ दृश्य भी हैं- जिनमें सरकारी स्कूल की छात्राएं वर्दी में नजर आती हैं और हरियाणा रोडवेज की बसों के साथ शूट किए गए हिस्से शामिल हैं।
अखिल भारतीय सहारण खाप ने इसे लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र भेजा है। खाप के प्रधान साधु राम कोलेखां, पूर्व प्रधान गुरनाम सिंह और अन्य प्रतिनिधियों ने शिकायत में कहा है कि रैप में प्रयुक्त ‘घोड़ी बनाना’ जैसी शब्दावली सार्वजनिक मंच पर स्वीकार्य नहीं मानी जा सकती, खासकर तब जब दृश्य स्कूल जाने वाली बेटियों से जुड़े हों।
मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में क्या कहा गया
शिकायत पत्र के मुताबिक, वीडियो और गीत का संयोजन समाज में गलत संदेश दे सकता है। खाप प्रतिनिधियों का कहना है कि जब छात्राओं के दृश्य, वर्दी और सार्वजनिक परिवहन जैसे प्रतीकों के साथ ऐसे शब्द जोड़े जाते हैं, तो इसका असर सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रहता। उन्होंने इसे प्रदेश की सांस्कृतिक छवि से जोड़ते हुए आपत्ति दर्ज कराई है।
‘स्कूल जाने वाली बेटियों के दृश्यों के साथ इस तरह की भाषा समाज में गलत संदेश देती है और हरियाणा की छवि को प्रभावित करती है।’- शिकायत में खाप प्रतिनिधि
पत्र में यह भी कहा गया है कि सरकारी स्कूल और रोडवेज बसें हरियाणा की पहचान का हिस्सा हैं। इनका इस्तेमाल किसी अशोभनीय या संदिग्ध संदर्भ में किया जाना नारी गरिमा के विरुद्ध माना जाना चाहिए।
खाप की मांग: निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई
प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार से दो प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। दूसरी, जांच में जो भी पक्ष दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। शिकायत में यह संकेत भी है कि सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर जारी सामग्री के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए, खासकर तब जब उसमें सरकारी पहचान वाले तत्व शामिल हों।
मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हुई है। कुछ यूजर्स ने हरियाणवी सांस्कृतिक पहचान और बेटियों की गरिमा से जुड़े सवाल उठाए हैं, जबकि कई लोग इस तरह के कंटेंट पर नियामकीय निगरानी की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल कलाकार की ओर से प्रतिक्रिया नहीं
इस विवाद पर अब तक बादशाह या उनकी टीम की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। राज्य सरकार के स्तर पर शिकायत मिलने के बाद आगे क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी, इस पर भी अभी औपचारिक जानकारी सामने नहीं आई है। फिलहाल विवाद का केंद्र वही दो बिंदु हैं- गीत की शब्दावली और वीडियो में प्रयुक्त दृश्य-प्रतीक।
आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि प्रशासन इस शिकायत को किस स्तर पर देखता है और क्या किसी विभागीय या कानूनी जांच की शुरुआत होती है।






