हरियाणा सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बड़ा बजट दायरा तय किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार, 2 मार्च 2026 को विधानसभा में ₹2,23,658.17 करोड़ का बजट प्रस्ताव रखा, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान ₹2,02,816.66 करोड़ की तुलना में 10.28% ज्यादा है। आकार के लिहाज से यह बढ़ोतरी राज्य की वित्तीय प्राथमिकताओं में विस्तार का संकेत देती है, खासकर बुनियादी ढांचे, ऊर्जा और जलवायु क्षेत्र में।
बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि मसौदा तैयार करने में विभिन्न वर्गों से मिले करीब 5,000 सुझाव शामिल किए गए। सरकार ने इसे परामर्श-आधारित दस्तावेज बताया और यह भी कहा कि यह सिर्फ वार्षिक लेखा-जोखा नहीं, बल्कि 2047 तक की आर्थिक दिशा से जुड़ा रोडमैप है।
“हरियाणा के फाइनेंस मिनिस्टर के तौर पर, ‘नॉन-स्टॉप’ हरियाणा सरकार का स्टेट बजट पेश करते हुए मैं बहुत इमोशनल हूं। हमने साल 2047 तक हरियाणा को USD 1 ट्रिलियन की इकॉनमी बनाने का लक्ष्य रखा है। इसे पाने के लिए, हमने ‘हरियाणा विज़न डॉक्यूमेंट 2047’ तैयार किया है। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमारे मैनिफेस्टो में किए गए 217 वादों में से हमने 60 वादे पूरे कर दिए हैं, और बाकी 120 वादों को पूरा करने पर काम चल रहा है।”- नायब सिंह सैनी, मुख्यमंत्री हरियाणा
पूंजीगत व्यय पर फोकस: 28,205 करोड़ रुपये का प्रावधान
सरकार ने 2026-27 के लिए ₹28,205 करोड़ का पूंजीगत व्यय प्रस्तावित किया है, जो कुल बजट का 12.6% है। पूंजीगत व्यय का मतलब उन परियोजनाओं पर खर्च से है जिनसे दीर्घकालिक परिसंपत्तियां बनती हैं-जैसे सड़कें, सार्वजनिक ढांचा, ऊर्जा नेटवर्क और अन्य स्थायी निर्माण। बजट दस्तावेज की यह लाइन बताती है कि सरकार राजस्व खर्च के साथ-साथ ऐसे निवेश पर भी जोर दे रही है जिसका असर कई साल तक दिखे।
राज्य सरकार ने बजट में यह संकेत भी दिया कि आर्थिक वृद्धि के साथ सेवा डिलीवरी में सुधार का लक्ष्य रखा गया है। विधानसभा में रखी गई बातों से स्पष्ट हुआ कि सरकार विकास योजनाओं को चुनावी घोषणाओं और 2047 के लक्ष्य से जोड़कर प्रस्तुत कर रही है।
ऊर्जा और कृषि: नई एग्री डिस्कॉम कंपनी का प्रस्ताव
बजट प्रस्तावों में एक प्रमुख घोषणा ‘हरियाणा एग्री डिस्कॉम’ की स्थापना है। इसे राज्य की तीसरी बिजली वितरण कंपनी के रूप में पेश किया गया है। प्रस्ताव के अनुसार यह कंपनी 5,084 कृषि फीडर और 7.12 लाख कृषि उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति संभालेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अलग कृषि-केंद्रित वितरण तंत्र बनने से किसानों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। ऊर्जा प्रबंधन के लिहाज से यह मॉडल लोड प्लानिंग, आपूर्ति की स्थिरता और कृषि क्षेत्र के लिए अलग संचालन व्यवस्था की दिशा में कदम माना जा रहा है।
स्वच्छ हवा और जलवायु वित्त: विश्व बैंक सहायता, नया ग्रीन फंड
बजट भाषण में पर्यावरण और जलवायु से जुड़ी दो अहम घोषणाएं भी रहीं। पहली, ‘हरियाणा स्वच्छ हवा परियोजना’ के लिए ₹2,716 करोड़ की वित्तीय सहायता को विश्व बैंक से मंजूरी मिलने की जानकारी दी गई। दूसरी, राज्य स्तर पर ₹100 करोड़ के प्रावधान के साथ ‘हरियाणा ग्रीन क्लाइमेट रेजिलिएंस फंड’ बनाने का प्रस्ताव रखा गया।
इस कोष का उद्देश्य शून्य-उत्सर्जन वाहनों, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, शहरों को हरित बनाने, जलवायु-अनुकूल कृषि और प्रकृति-आधारित समाधानों में निवेश बढ़ाना है। यानी बजट में पर्यावरणीय प्राथमिकताओं को अलग फंडिंग पहचान देने की कोशिश दिखती है, ताकि परियोजनाएं सिर्फ घोषणा तक सीमित न रहें बल्कि वित्तीय आधार के साथ आगे बढ़ें।
कुल मिलाकर, 2026-27 का हरियाणा बजट आकार में बड़ा है और संरचना में बहु-क्षेत्रीय। एक तरफ सरकार ने 2047 तक USD 1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था का लक्ष्य दोहराया, दूसरी तरफ बिजली वितरण, पूंजीगत निवेश और जलवायु कार्यक्रम जैसे ठोस बिंदुओं को फंडिंग प्रस्तावों के साथ जोड़ा। अब अगला चरण इन घोषणाओं के क्रियान्वयन और विभागवार आवंटन की गति पर निर्भर करेगा।






