हरियाणा कांग्रेस में राज्यसभा चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग का मामला गहराता जा रहा है। पार्टी के पांच विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिनमें से दो ने अपना जवाब वीरवार को दे दिया है। सूत्रों के मुताबिक, इन दोनों विधायकों ने दावा किया है कि उन्होंने क्रॉस वोटिंग नहीं की और खुद को पार्टी का सच्चा सिपाही बताया है। वहीं, अब इस पूरे मामले पर फैसला कांग्रेस आलाकमान यानी राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मौजूदगी में लिया जा सकता है। इसके लिए 30 मार्च को दिल्ली में हरियाणा कांग्रेस विधायक दल की एक अहम बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में पार्टी के पांचों सांसदों को भी बुलाया गया है।
बाकी तीन विधायकों का जवाब अभी आना बाकी है। अप्रैल के पहले हफ्ते में चंडीगढ़ में हरियाणा कांग्रेस की अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति की बैठक होगी, जिसमें औपचारिक रूप से पार्टी का फैसला सुनाया जाएगा। बताया जा रहा है कि पार्टी इस मामले में सख्त संदेश देने की तैयारी में है, ऐसे में विधायकों के निलंबन या निष्कासन तक का निर्णय हो सकता है।
16 मार्च को हुई क्रॉस वोटिंग का मामला, 5 विधायकों को मिला था नोटिस
यह पूरा मामला 16 मार्च को हुए हरियाणा राज्यसभा चुनाव से जुड़ा है। उस दिन कांग्रेस के पांच विधायकों ने पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशी कर्मवीर बौद्ध की बजाय भाजपा समर्थित निर्दलीय सतीश नांदल के पक्ष में वोट दिया था। इसके बाद 19 और 20 मार्च को कांग्रेस अनुशासन समिति ने नारायणगढ़ से विधायक शैली चौधरी, साढौरा से विधायक रेणु बाला, पुन्हाना से विधायक मोहम्मद इलियास, हथीन से विधायक मोहम्मद इसराइल और रतिया से विधायक जरनैल सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
सूत्रों के मुताबिक, वीरवार शाम तक शैली चौधरी और जरनैल सिंह की ओर से जवाब पार्टी को मिल गए हैं। हालांकि, पार्टी ने अभी तक जवाब देने वाले विधायकों के नामों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
जिन दो विधायकों ने जवाब दिए हैं, उन्होंने दावा किया है कि उन्होंने पार्टी के खिलाफ क्रॉस वोटिंग नहीं की है। उनके मुताबिक, उन्होंने पार्टी के ऑफिशियल प्रत्याशी को ही वोट दिया था। दोनों विधायकों ने खुद को पार्टी के प्रति समर्पित और वफादार सिपाही बताया है। यहां यह भी दिलचस्प है कि शैली चौधरी के पति रामकिशन गुर्जर कांग्रेस छोड़ चुके हैं। रामकिशन गुर्जर दो बार विधायक और सीपीएस रह चुके हैं और हरियाणा कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष भी थे। उनकी गिनती सैलजा के करीबी नेताओं में होती थी।
30 मार्च को दिल्ली में विधायक दल की बैठक, हाईकमान सुनाएगा फैसला
दिल्ली में 30 मार्च को होने वाली कांग्रेस विधायक दल की बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। इस बैठक में प्रदेश के सभी पांचों सांसदों के भी शामिल होने की उम्मीद है। राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के चार सांसद, दीपेंद्र हुड्डा, वरुण मुलाना, जयप्रकाश जेपी और सतपाल ब्रह्मचारी एक साथ दिखे थे, लेकिन कुमारी सैलजा ने चुनाव से दूरी बनाए रखी थी और इस पर उनका कोई बयान भी सामने नहीं आया था।
विधायकों के विरोध और बयानबाजी को देखते हुए पार्टी आलाकमान सख्त फैसला ले सकता है। इसके अलावा, संगठनात्मक पदों से हटाने का निर्णय भी हो सकता है। नोटिस मिलने के बाद शैली चौधरी और रेणु बाला तो खुलकर हुड्डा खेमे पर निशाना साध चुके हैं। जरनैल सिंह रतिया ने भी पहले कहा था कि हुड्डा के कारण वे सैलजा-तंवर से लड़े। मोहम्मद इजराइल यह तक कह चुके हैं कि ‘मैंने अपने मन की करी, अब पार्टी अपने मन की कर ले’। वहीं, मोहम्मद इलियास मंगलवार रात को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सैनी के आवास पर उनसे मिले थे, जिसकी फोटो भी वायरल हुई थी।
हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र ने बताया कि उन्हें दिल्ली में 30 मार्च को होने वाली विधायक दल की मीटिंग का नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा की तरफ से न्योता आया है। उन्होंने कहा, ‘अगर मैं यहां रहा तो मीटिंग में जरूर जाऊंगा।’ मीटिंग के एजेंडे पर उन्होंने कहा कि यह सीएलपी का अधिकार है और उनका काम अलग है। उन्होंने बताया कि बागी विधायकों का मामला अनुशासनात्मक कमेटी देख रही है, जिसकी अप्रैल के पहले हफ्ते में मीटिंग है। उस मीटिंग में जो भी तय होगा, उसकी रिपोर्ट हाईकमान को दी जाएगी।






