हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में 11 से 14 अप्रैल तक राज्य स्तरीय हरोली उत्सव आयोजित किया जाएगा। दरअसल इस बार उत्सव सोमभद्रा नदी के किनारे हरोली मैदान (रोड़ा) में होगा। इसकी शुरुआत भव्य शोभायात्रा से होगी और इसमें पंजाब व हिमाचल के कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने तैयारियों की समीक्षा कर अधिकारियों को आयोजन भव्य बनाने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय कलाकारों के ऑडिशन 6 और 7 अप्रैल को होंगे।
दरअसल ऊना जिले में हर साल बैसाखी से जुड़ा यह राज्य स्तरीय मेला बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस बार उत्सव के आयोजन स्थल में बदलाव किया गया है। पहले यह कार्यक्रम कांगड़ मैदान में होता था, लेकिन इस वर्ष इसे हरोली-रामपुर पुल के पास सोमभद्रा नदी के किनारे स्थित हरोली मैदान (रोड़ा) में आयोजित किया जाएगा। नदी किनारे होने के कारण इस बार उत्सव का माहौल और भी आकर्षक रहेगा। जिला प्रशासन ने चार दिन चलने वाले इस आयोजन की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
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उत्सव की शुरुआत 11 अप्रैल को होगी
उत्सव की शुरुआत 11 अप्रैल को जलशक्ति विभाग के रेस्ट हाउस से निकलने वाली भव्य शोभायात्रा से होगी। यह शोभायात्रा हरोली मैदान तक पहुंचेगी, जहां मुख्य कार्यक्रम होंगे। शोभायात्रा में महिला मंडल, स्वयं सहायता समूह, युवक मंडल और स्थानीय लोग पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होंगे। ढोल-नगाड़ों और लोकगीतों के साथ निकलने वाली यह शोभायात्रा पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना देगी।
हिमाचल और पंजाब के कलाकार प्रस्तुतियां देंगे
हरोली उत्सव की खास पहचान इसकी सांस्कृतिक संध्याएं हैं। इन कार्यक्रमों में हिमाचल और पंजाब के कलाकार लोकगीत, संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियां देंगे। इसके साथ ही दिन के समय स्थानीय स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राएं, महिला मंडल और अन्य सांस्कृतिक दल भी अपनी प्रस्तुति देंगे। इससे स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलेगा और लोगों को क्षेत्रीय संस्कृति देखने का मौका मिलेगा।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने हाल ही में अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि उत्सव को भव्य और व्यवस्थित तरीके से आयोजित किया जाए और इसमें ज्यादा से ज्यादा लोगों की भागीदारी हो। उन्होंने सुरक्षा, यातायात, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
आयोजन के लिए अलग-अलग समितियां बनाई गई
एसडीएम हरोली और मेला समिति के अध्यक्ष विशाल शर्मा ने बताया कि उत्सव के सफल आयोजन के लिए अलग-अलग समितियां बनाई गई हैं। इनमें सांस्कृतिक समिति, व्यवस्था समिति, सुरक्षा समिति, प्रचार समिति और स्वच्छता समिति शामिल हैं। ये सभी टीमें अपने-अपने काम में लगी हैं ताकि आयोजन में कोई कमी न रहे।
स्थानीय कलाकारों को भी मंच देने के लिए 6 और 7 अप्रैल को ऑडिशन रखे गए हैं। यह ऑडिशन लता मंगेशकर कला केंद्र समूरकलां में सुबह 11:30 बजे से शुरू होंगे। इच्छुक कलाकार statelevelharoliutsav@gmail.com पर ईमेल भेजकर आवेदन कर सकते हैं या ऑडिशन वाले दिन मौके पर भी फॉर्म जमा कर सकते हैं। इस अवसर पर एक स्मारिका भी प्रकाशित की जाएगी। इसमें हरोली के विकास, इतिहास और सांस्कृतिक विरासत की जानकारी दी जाएगी। यह स्मारिका क्षेत्र की पहचान और प्रगति को दिखाने का काम करेगी।
हरोली उत्सव केवल एक मेला नहीं, बल्कि क्षेत्र की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक माना जाता है। बैसाखी के इस पर्व के जरिए हिमाचल की लोक संस्कृति को बड़े स्तर पर प्रस्तुत करने का मौका मिलता है। प्रशासन का लक्ष्य है कि इस साल का आयोजन पहले से ज्यादा सफल और यादगार बने।