हिमाचल प्रदेश में एंट्री टैक्स को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने गहरी चिंता जताते हुए कहा कि हालात चिंताजनक हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि बीते दिन बॉर्डर क्षेत्रों में जिस तरह का माहौल बना, वह किसी भी लिहाज से ठीक नहीं कहा जा सकता, क्योंकि दोनों राज्यों के लोगों के बीच तनाव बढ़ता दिख रहा है, जिससे स्थिति और बिगड़ने का खतरा है।

जयराम ठाकुर ने जानकारी दी कि पिछले दिन करीब ढाई घंटे तक प्रदर्शन चला और इस कारण चार घंटे तक हाईवे पूरी तरह जाम रहा। इस प्रदर्शन ने आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करने पर मजबूर कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने यह फैसला वापस नहीं लिया तो आने वाले दिनों में हालात और भी खराब हो सकते हैं। इससे स्पष्ट है कि यह मामला अब केवल एक नीतिगत बहस नहीं, बल्कि एक गंभीर जन आंदोलन का रूप ले चुका है।

नेता प्रतिपक्ष ने सुक्खू सरकार के फैसलों पर उठाए सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने सरकार के फैसलों पर सीधे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिना सोचे-समझे लिए गए निर्णयों के कारण ही यह चिंताजनक स्थिति बनी है। ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से अपील की है कि इस पूरे मामले पर तुरंत पुनर्विचार किया जाए और दोनों राज्यों के बीच सौहार्दपूर्ण समाधान निकाला जाए। उनका साफ कहना है कि जनता को राहत देना सरकार की पहली जिम्मेदारी है, न कि उन्हें किसी तरह की परेशानी में डालना।

जयराम ठाकुर ने यह भी बताया कि एंट्री टैक्स का विरोध केवल हिमाचल के स्थानीय निवासी ही नहीं कर रहे हैं, बल्कि टूरिज्म सेक्टर से जुड़े लोग और टैक्सी यूनियन भी इस फैसले के खिलाफ मजबूती से खड़े हैं। इसके अलावा, पंजाब के लोगों ने भी इस टैक्स का कड़ा विरोध जताया है, क्योंकि यह सीधे तौर पर उनके आवागमन और व्यापार को प्रभावित कर रहा है।

ठाकुर ने आगाह किया कि अगर हालात नहीं सुधरे और सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो पंजाब से जुड़े एंट्री प्वाइंट्स पर हिमाचल के वाहनों को रोकने की बात कही जा रही है। अगर ऐसा होता है तो इसका सीधा और बड़ा असर व्यापार, पर्यटन और दोनों राज्यों के आम जनजीवन पर पड़ेगा, जिससे आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित होंगी।

छोटे वाहनों पर 234% फीस बढ़ोतरी, किसानों-बागवानों पर सीधा असर

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि छोटे वाहनों की एंट्री फीस में करीब 234 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि पहले जो छूट यूटिलिटी वाहनों, जैसे पिकअप और छोटे मालवाहक वाहनों को मिलती थी, उसे भी अब पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है।

इस फैसले का सीधा असर हिमाचल प्रदेश के किसानों, बागवानों और सब्जी उत्पादकों पर पड़ेगा। ये लोग अपने उत्पादों को मंडियों तक पहुंचाने के लिए अक्सर इन यूटिलिटी वाहनों का उपयोग करते हैं। बढ़ी हुई फीस और छूट खत्म होने से उनकी लागत बढ़ जाएगी, जिसका बोझ अंततः उपभोक्ताओं पर भी आ सकता है और उनकी आय भी प्रभावित होगी।

जयराम ठाकुर ने सुझाव दिया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को तुरंत पंजाब के मुख्यमंत्री से बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आपसी संवाद और समन्वय के जरिए ही इस संवेदनशील मुद्दे का स्थायी समाधान निकाला जा सकता है।

ठाकुर ने चेतावनी दी कि जिद और मनमानी से काम करने पर दोनों राज्यों के बीच तनाव और बढ़ेगा, जिसका सीधा नुकसान आम जनता को उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह समय राजनीतिक लाभ-हानि देखने का नहीं, बल्कि जनता के हित में सोचने और सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने का है।