नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार में हर स्तर पर भ्रष्टाचार व्याप्त है और जहां भी जांच होगी, वहां व्यवस्था का पतन और भ्रष्टाचार के मामले सामने आएंगे। ठाकुर ने जलशक्ति विभाग का उदाहरण देते हुए कहा कि सत्ता के संरक्षण में अधिकारियों ने प्रदेश के हितों को दरकिनार कर अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने का रैकेट चलाया। टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और छोटे-छोटे टुकड़ों में टेंडर बांटने का आरोप लगाते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि यह सब किसके इशारे पर हो रहा था।
जलशक्ति विभाग में हुए कथित घोटाले पर ठाकुर ने तंज कसते हुए कहा कि यह तो केवल एक उदाहरण है। पहले भी इस विभाग में स्कूटर, मोटरसाइकिल और कार के जरिए करोड़ों रुपये के पानी की सप्लाई दिखाई गई। इतना ही नहीं, कांग्रेस सरकार के नजदीकियों ने स्कूटर को जेसीबी बनाकर मिट्टी खोदने और ढोने का फर्जीवाड़ा किया। ठाकुर ने दावा किया कि इन सभी मामलों में सरकार ने तत्परता से जांच नहीं कराई, जिसके चलते हिमाचल को शर्मसार करने वाले घोटाले सामने आ रहे हैं।
स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल,लोग इलाज के लिए दर-दर भटक रहे
स्वास्थ्य विभाग में भी भ्रष्टाचार के मुद्दे पर ठाकुर ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि हिमाचल की स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं और लोग इलाज के लिए दर-दर भटक रहे हैं। हाईकोर्ट ने 18 जुलाई को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत मिले 521.68 करोड़ रुपये के खर्च की जांच के लिए केंद्र सरकार को निर्देश दिए हैं। ठाकुर ने कहा कि हाईकोर्ट का यह कदम दर्शाता है कि स्वास्थ्य विभाग में भी कुछ गड़बड़ है। उन्होंने सरकार की स्वास्थ्य सचिव द्वारा कोर्ट में दिए गए शपथ पत्र पर भी सवाल उठाए।
नाकामियों और भ्रष्टाचार के लगाये आरोप
जयराम ठाकुर ने हाईकोर्ट के सख्त रुख की सराहना करते हुए कहा कि जलशक्ति विभाग के दोषी अधिकारी को हटाने और भविष्य में महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति न देने के निर्देश से प्रदेश के हितों की रक्षा हुई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार की नाकामियों और भ्रष्टाचार की पोल खोलने के लिए ऐसी कार्रवाइयां जरूरी हैं। ठाकुर ने चेतावनी दी कि अगर सरकार की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ, तो और भी घोटाले सामने आएंगे, जो हिमाचल की जनता के लिए शर्मनाक होंगे।





