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माता‑पिता के लिए खास है आज का दिन, जरूर करें ये काम, मां सरस्वती की कृपा से तेज होगी बच्चों की बुद्धि

Written by:Bhawna Choubey
Published:
बसंत पंचमी का पर्व विद्या, बुद्धि और एकाग्रता की देवी मां सरस्वती को समर्पित होता है। 23 जनवरी 2026 को बसंत पंचमी पर विद्यारंभ संस्कार कराने से बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ती है और शिक्षा में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।
माता‑पिता के लिए खास है आज का दिन, जरूर करें ये काम, मां सरस्वती की कृपा से तेज होगी बच्चों की बुद्धि

बसंत पंचमी का नाम आते ही मन में पीले फूलों, सरसों के खेतों और मां सरस्वती की श्वेत प्रतिमा की छवि उभर आती है। यह दिन केवल एक पर्व नहीं, बल्कि शिक्षा, ज्ञान और संस्कारों की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। भारत में सदियों से बसंत पंचमी को विद्यारंभ संस्कार के लिए सबसे शुभ दिन माना गया है, जब छोटे बच्चों को औपचारिक रूप से पढ़ाई की दुनिया में प्रवेश कराया जाता है। आज भी माता-पिता अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इस दिन मां सरस्वती की पूजा करते हैं और विद्यारंभ संस्कार कराते हैं।

बसंत पंचमी और मां सरस्वती का विशेष महत्व

बसंत पंचमी का पर्व विद्या और बुद्धि की देवी मां सरस्वती को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था। इसलिए यह दिन ज्ञान, कला, संगीत और शिक्षा से जुड़े लोगों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि मां सरस्वती की कृपा से मनुष्य की बुद्धि निर्मल होती है, विचारों में स्पष्टता आती है और सीखने की क्षमता बढ़ती है। यही कारण है कि बसंत पंचमी के दिन स्कूलों, मंदिरों और घरों में सरस्वती पूजा का आयोजन किया जाता है।

विद्यारंभ संस्कार क्या होता है ?

विद्यारंभ संस्कार हिंदू धर्म में वर्णित 16 संस्कारों में से एक है। इस संस्कार के माध्यम से बच्चे की औपचारिक शिक्षा की शुरुआत की जाती है। परंपरागत रूप से इस दिन बच्चे को पहली बार अक्षर लिखवाए जाते हैं, अक्सर “ॐ”, “श्री” या “अ” से शिक्षा का आरंभ कराया जाता है।

विद्यारंभ संस्कार केवल पढ़ना-लिखना शुरू कराने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह बच्चे के मन में शिक्षा के प्रति सम्मान और पवित्रता का भाव जगाता है। इस संस्कार के जरिए यह संदेश दिया जाता है कि शिक्षा केवल नौकरी या धन कमाने का साधन नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाली साधना है।

अबूझ मुहूर्त क्यों है बसंत पंचमी

बसंत पंचमी को अबूझ मुहूर्त माना जाता है यानी इस दिन पूरे समय कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है। अबूझ मुहूर्त का अर्थ होता है कि इस दिन किसी विशेष समय या पंचांग देखने की आवश्यकता नहीं होती। विवाह, गृह प्रवेश, नया व्यवसाय शुरू करना और विद्यारंभ जैसे मांगलिक कार्य इस दिन बिना किसी शंका के किए जा सकते हैं।

Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News नहीं करता।