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Good Friday 2026: ईसा मसीह के बलिदान का प्रतीक है गुड फ्राइडे, जानें इस दिन से जुड़ा इतिहास

Written by:Diksha Bhanupriy
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ईसाई धर्म के लोगों के बीच गुड फ्राइडे के दिन का काफी महत्व माना गया है। यह वह दिन है जब ईसा मसीह ने मानवता के लिए अपने प्राण त्याग दिए थे। चलिए आपको इस दिन का इतिहास बताते हैं।
Good Friday 2026: ईसा मसीह के बलिदान का प्रतीक है गुड फ्राइडे, जानें इस दिन से जुड़ा इतिहास

गुड फ्राइडे ईसाई धर्म के सबसे खास त्यौहारों में से एक है। इस दिन ईसा मसीह के बलिदानों को याद किया जाता है। ये वही दिन है जब उन्हें सूली पर चढ़ाया गया था। आज 3 अप्रैल को देशभर में ईसाई धर्म इस त्यौहार को मना रहा है।

ईस्टर से ठीक पहले मनाया जाने वाला गुड फ्राइडे कुछ जगहों पर ब्लैक फ्राईडे के नाम से भी प्रसिद्ध है। दुनिया भर के इसी इस दिन श्रद्धा और शांति के साथ प्रार्थना करते हैं और यीशु को मिले कष्टों को याद करते दिखाई देते हैं। इस दिन को शो को श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। लोग चार्ज चाहते हैं फास्टिंग करते हैं और विशेष प्रार्थनाओं का आयोजन किया जाता है। चलिए जान लेते हैं कि गुड फ्राइडे हर साल अलग-अलग तारीख को कैसे आता है और इसे के नाम क्यों मिला और उसका इतिहास क्या है।

कैसे मनाते हैं गुड फ्राइडे

गुड फ्राइडे हर साल अलग-अलग तारीख को आता है क्योंकि इसकी डेट ईस्टर के मुताबिक तय की जाती है। इस साल 5 अप्रैल के दिन ईस्टर है और इसके पहले 3 अप्रैल यानी आज फ्राइडे है, इसलिए आज गुड फ्राइडे मनाया जा रहा है। इस दिन ईसा मसीह के जीवन की आखिरी घटनाओं और बलिदानों को अलग-अलग तरीके से दिखाया जाता है।

क्यों कहते हैं गुड फ्राइडे

गुड फ्राइडे सुनने में तो अच्छा लगता है लेकिन यह खुशी का नहीं बल्कि शोक का दिन है। मान्यताओं के मुताबिक इस दिन ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाया गया था। उन्होंने मानवता के लिए अपने प्राण का त्याग किया और आज का दिन उनके प्रेम और बलिदान की याद दिलाता है। इसी से बहुत पवित्र दिन मानते हैं।

क्या है इतिहास

गुड फ्राइडे के इतिहास की बात करें तो यह ईसा मसीह के जीवन की दर्दनाक घटना से जुड़ा हुआ है। ऐसा बताया जाता है कि जब उनके उपदेश और लोकप्रियता लोगों के बीच बढ़ गई तो कुछ धर्म गुरुओं को यह पसंद नहीं आया। उन्होंने ईसा मसीह की शिकायत रोमन शासन पिलातुस से कर दी। शिकायत में यह बोला गया कि वह खुद को ईश्वर का पुत्र बताते हैं और लोगों को एक नए राज्य के बारे में सीख दे रहे हैं। उन पर धर्म का अपमान करने और राजद्रोह जैसे गंभीर आरोप लगाए गए। यह सब सुनकर रोमन राजा ने उन्हें मृत्युदंड देने का आदेश दिया। सजा देने से पहले उन्हें बहुत कष्ट दिए गए। उन्हें कांटों का ताज पहनाया गया और कोड़े मारे गए। इसके बाद उन्हें कीलों से ठोक कर सूली पर लटका दिया गया। जिस जगह उन्हें सूली पर चढ़ाया गया था वह गोलगोथा कहा जाता है। यह घटना शुक्रवार के दिन हुई थी इसलिए इसे गुड फ्राइडे के रूप में मन कर यीशु के बलिदान को याद किया जाता है।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy
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