इंदौर: गणतंत्र दिवस के मौके पर इंदौर की सेंट्रल जेल से आजीवन कारावास की सजा काट रहे 9 कैदियों को रिहा कर दिया गया। जेल में अच्छे आचरण और व्यवहार को देखते हुए शासन ने इनकी सजा माफ करने का फैसला किया। जेल स्टाफ ने सभी कैदियों को फूल-माला पहनाकर विदाई दी, जिसके बाद वे अपने-अपने घरों के लिए रवाना हो गए।
जेल के बाहर अपने परिजनों का इंतजार कर रहे लोगों के लिए यह एक भावुक पल था। जब एक बेटी ने सालों बाद अपने पिता को देखा तो उसकी आंखें भर आईं।
जेल अधीक्षक ने दी जानकारी
सेंट्रल जेल अधीक्षक अलका सोनकर ने बताया कि इन सभी 9 बंदियों को आजीवन कारावास की सजा हुई थी। जेल में रहते हुए उन्होंने अपनी सजा की अवधि पूरी की और इस दौरान उनका आचरण बहुत अच्छा रहा। इसी आधार पर शासन की ओर से उन्हें माफी प्रदान की गई।
उन्होंने एक बुजुर्ग कैदी का जिक्र करते हुए कहा, “एक बुजुर्ग जेल में अपना ज्यादातर समय भजन और ध्यान में बिताते थे। उन्होंने रिहाई के बाद कहा कि अब वे बाहर जाकर अपना शेष जीवन भगवान की आराधना में ही लगाएंगे।”
15 साल बाद बाहर आया राहुल, शुरू करेगा नई जिंदगी
रिहा हुए कैदियों में राहुल भी शामिल था, जो हत्या के एक मामले में पिछले 15 सालों से जेल में बंद था। मीडिया से बात करते हुए राहुल ने कहा कि जेल में रहकर उसके जीवन में बहुत बड़ा बदलाव आया है और उसे बहुत कुछ सीखने को मिला है।
राहुल ने बताया कि जेल जाने से पहले वह रेडीमेड कपड़ों का काम करता था और अब बाहर जाकर फिर से वही काम शुरू करेगा। उसने उन परिस्थितियों का भी जिक्र किया जिनकी वजह से उसे जेल जाना पड़ा था।





