Hindi News

चोइथराम मंडी चेंबर हादसा मामले में केंद्रीय समिति ने शुरू की जांच, मौके पर पहुंचकर अफसरों से पूछे सवाल

Written by:Ankita Chourdia
Published:
इंदौर के चोइथराम मंडी में पिछले दिनों सीवर चेंबर में दो नगर निगम कर्मचारियों की मौत के मामले में जांच तेज हो गई है। शुक्रवार को एक केंद्रीय समिति ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और निगम व पुलिस अधिकारियों से घटना की पूरी जानकारी ली। समिति अपनी रिपोर्ट केंद्र और राज्य सरकार को सौंपेगी।
चोइथराम मंडी चेंबर हादसा मामले में केंद्रीय समिति ने शुरू की जांच, मौके पर पहुंचकर अफसरों से पूछे सवाल

चोइथराम मंडी क्षेत्र में लगभग दस दिन पहले हुए दर्दनाक चेंबर हादसे की जांच अब केंद्रीय स्तर पर शुरू हो गई है। इस घटना में नगर निगम के दो कर्मचारियों, अजय और करण की मौत हो गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार को एक केंद्रीय समिति जांच के लिए इंदौर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।

केंद्रीय मंत्री का दर्जा प्राप्त गिल के नेतृत्व में आई इस टीम ने राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र स्थित मंडी पहुंचकर मौका मुआयना किया। सूचना मिलते ही नगर निगम के अधिकारी और राजेंद्र नगर थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। समिति के सदस्यों ने लगभग आधे घंटे तक घटनास्थल पर रुककर प्रमाण जुटाए और अधिकारियों से घटनाक्रम को लेकर कई सवाल पूछे।

जांच समिति ने अधिकारियों से क्या पूछा?

केंद्रीय समिति ने मौके पर मौजूद नगर निगम के अफसरों से पूछा कि जिस चेंबर में यह हादसा हुआ, उसकी लाइन का उपयोग किसलिए किया जाता है? उन्होंने यह भी जानना चाहा कि घटना वाले दिन दोनों कर्मचारी, अजय और करण, वहां किस काम के लिए पहुंचे थे और उनके पास सुरक्षा उपकरण थे या नहीं। समिति ने पूरे घटनाक्रम की सिलसिलेवार जानकारी ली और पुलिस से भी पूछताछ की। इस जांच के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे केंद्र और राज्य सरकार को सौंपा जाएगा।

क्या था पूरा मामला?

यह घटना पिछले सोमवार की है, जब शाम करीब 6:30 बजे जोन-13 क्षेत्र में सीवर की सफाई का काम चल रहा था। सक्शन टैंकर से चेंबर को खाली किया जा रहा था। इसी दौरान सफाई में इस्तेमाल होने वाले पाइप का एक हिस्सा चेंबर के अंदर गिर गया।

नगर निगम के अनुसार, कर्मचारी करण कथित तौर पर बिना किसी को सूचित किए उस पाइप को निकालने के लिए चेंबर में उतरा और अंदर गिर गया। जब उसकी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो उसे बचाने के लिए दूसरा कर्मचारी अजय भी चेंबर में उतर गया, लेकिन जहरीली गैस की चपेट में आने से दोनों की मौत हो गई।

सरकार ने की थी मुआवजे की घोषणा

हादसे के तुरंत बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले का संज्ञान लिया था। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के 2023 के निर्देशों का पालन करते हुए दोनों मृतक कर्मचारियों के परिवारों को 30-30 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी। घटना के बाद मेयर पुष्यमित्र भार्गव और निगमायुक्त क्षितिज सिंघल सहित अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे थे।

Ankita Chourdia
लेखक के बारे में
Follow Us :GoogleNews