इंदौर के सीतलामाता कपड़ा बाजार में बीजेपी विधायक मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़ के बेटे एकलव्य सिंह गौड़ द्वारा मुस्लिम कर्मचारियों को हटाने के फरमान को लेकर कांग्रेस लगातार हमलावर है। अब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बीजेपी पर सांप्रदायिक कटुता बढ़ाने का आरोप लगाया है। इसी के साथ उन्होंने कहा कि अगर इस मामले पर एफआईआर दर्ज नहीं हुई है तो वे खुद जाकर एफआईआर कराएंगे।

कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि क्या उन लोगों का सिर्फ ये दोष है कि वो मुसलमान हैं। उन्होंने कहा कि एक मुसलमान नागरिक को अन्य किसी भी जाति धर्म के नागरिक की तरह काम करने, नौकरी करने का अधिकार है जिससे वो अपना और अपने परिवार का पालन पोषण कर सके। इस मामले में दिग्विजय सिंह ने कमिश्नर से सवाल किया है कि क्या उन्होंने इसपर कोई कार्रवाई की है या नहीं की।

विधायक पुत्र ने जारी किया फरमान

बता दें कि बीजेपी विधायक मालिनी गौड़ के बेटे एकलव्य सिंह गौड़ ने इंदौर सीतलामाता बाजार के व्यापारियों से कहा कि वे अपने मुस्लिम कर्मचारियों को 25 सितंबर तक हटा दें। इसके अलावा, उन्होंने मुस्लिम व्यापारियों से किराए की दुकानों को दो महीने के भीतर खाली करने का निर्देश भी दिया। उनका कहना था कि यह कदम ‘लव जिहाद’ जैसी घटनाओं के बढ़ने के कारण उठाया गया है। इस बात को लेकर अब कांग्रेस विधायक पुत्र पर एफआईआर की मांग कर रही है।

दिग्विजय सिंह ने कहा ‘एफआईआर कराएंगे’

दिग्विजय सिंह ने कमिश्नर से सवाल किया है कि क्या इस मामले में अब तक एफआईआर की गई है। उन्होंने कहा कि ‘ इस प्रदेश में सांप्रदायिक कटुता बढ़ती जा रही है। बीजेपी विधायक मालिनी गौड़ के पुत्र कह रहे हैं कि मुसलमानों को नौकरी मत दो मुसलमानों का धंधा बंद करो। मैं पूछना चाहता हूं कि कमिश्नर पुलिस से..क्या ये कानूनी अपराध है या नहीं। अगर है तो आपने एफआईआर दर्ज की या नहीं की। अगर आपने एफआईआर दर्ज नहीं की तो क्यों नहीं की। क्या इस मामले की जानकारी आपके पास नहीं है। लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। कह रहे हैं कि हमारा कसूर ये है कि हम मुसलमान है। क्या ये भारतीय संविधान के आर्टिकल 25 का उल्लंघन नहीं है। क्या कसूर है उन मुसलमानो को जो काम करके, नौकरी करके अपना परिवार पाल रहे हैं। मैं इसे स्वीकार नहीं करूंगा। मैं सीतलामाता बाज़ार जाकर उन लोगों से मिलूंगा जिनके साथ ये अन्याय हुआ है।’ पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा है कि अगर अब तक थाने में एफआईआर दर्ज नहीं हुई है तो वे निजी तौर पर थाने जाकर एफआईआर दर्ज कराएंगे।