इंदौर में एमडी ड्रग्स के काले कारोबार पर क्राइम ब्रांच का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इसी कड़ी में पुलिस ने एक बड़े ड्रग्स नेटवर्क के पांचवें आरोपी अरमान खान को लंबी फरारी के बाद आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी इंदौर पुलिस की ड्रग्स विरोधी मुहिम में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे शहर में सक्रिय ड्रग्स तस्करी के बड़े गिरोहों का पर्दाफाश होने की उम्मीद जगी है।
क्राइम ब्रांच की टीम ने एनडीपीएस एक्ट के अपराध क्रमांक 97/2025 में यह बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस को अरमान खान की लंबे समय से तलाश थी। 23 वर्षीय अरमान मंदसौर जिले का रहने वाला है और हैरानी की बात यह है कि वह कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि एक छात्र है। उसकी गिरफ्तारी से पुलिस अब इस पूरे ड्रग्स नेटवर्क की परतें खोलने में जुट गई है, जिससे यह पता चल सके कि कौन-कौन इस अवैध धंधे में शामिल है और इसकी जड़ें कितनी गहरी हैं।
चार आरोपियों की पूछताछ में सामने आया अरमान खान का नाम
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में पहले भी चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन चारों आरोपियों से हुई पूछताछ में ही अरमान खान का नाम सामने आया था। पूछताछ के दौरान पकड़े गए आरोपियों ने बताया था कि वे अरमान खान से ही अवैध मादक पदार्थ लाते थे और उसे शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सप्लाय करते थे। नाम सामने आने के बाद से ही अरमान लगातार पुलिस की पकड़ से बचने के लिए ठिकाने बदल रहा था और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी।
ड्रग्स नेटवर्क के बड़े चेहरों तक पहुंचने की कोशिश तेज
क्राइम ब्रांच की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर अरमान खान को दबोचा। उसकी गिरफ्तारी को ड्रग्स रैकेट के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि वह इस नेटवर्क की अहम कड़ी बताया जा रहा है। पुलिस अब अरमान से गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस अवैध धंधे के सभी बड़े चेहरों और सप्लाई चेन का खुलासा हो सके। यह पूछताछ शहर में ड्रग्स के स्रोत और उसके वितरण मार्गों को समझने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
53.96 ग्राम एमडी ड्रग्स और कार पहले ही हो चुकी है जब्त
इससे पहले गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने कुल 53.96 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद की थी। इसके साथ ही, एक ब्रेज़ा कार भी जब्त की गई थी, जिसका उपयोग ड्रग्स की तस्करी और सप्लाय के लिए किया जाता था। बरामद ड्रग्स और कार की कुल कीमत करीब 10 लाख 40 हजार रुपये आंकी गई थी। यह बरामदगी स्पष्ट करती है कि यह नेटवर्क बड़े पैमाने पर काम कर रहा था और शहर के युवाओं को निशाना बनाकर उन्हें नशे की दलदल में धकेल रहा था।
अरमान की गिरफ्तारी से ड्रग्स नेटवर्क के बड़े खुलासे की उम्मीद
विवेचना के दौरान जब अरमान की भूमिका सामने आई, तो वह पुलिस की पकड़ से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था और पुलिस को चकमा दे रहा था। हालांकि, क्राइम ब्रांच की टीम ने अपनी सक्रियता और तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया। उसकी गिरफ्तारी से पुलिस को ड्रग्स के स्रोत, उसे कहां से लाया जाता था, शहर में किसे-किसे सप्लाई किया जाता था और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है, इसकी अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है। पुलिस का मानना है कि अरमान इस नेटवर्क का मात्र एक प्यादा हो सकता है और असली किरदार अभी बाकी हैं।
जांच में शामिल अधिकारियों का कहना है कि अरमान खान से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस जल्द ही इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां भी कर सकती है। इंदौर पुलिस शहर को ड्रग्स मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में लगातार बड़ी कार्रवाइयां जारी रहेंगी। यह मामला आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे का गवाह बन सकता है, जिससे शहर में ड्रग्स के कारोबार की कमर टूट सकेगी।






