मध्य प्रदेश में औसत से 11 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज होने के बाद राजधानी भोपाल में इंद्रदेव को प्रसन्न करने के लिए एक विशेष टोटका अपनाया गया। शुक्रवार को शहर में गधों को गुलाब जामुन खिलाकर अच्छी बारिश की प्रार्थना की गई। यह आयोजन मानसून की बेरुखी और लगातार बारिश नहीं होने से परेशान लोगों द्वारा किया गया। लोगों का मानना है कि इस तरह के पारंपरिक उपाय इंद्रदेव को रिझाने में सहायक सिद्ध होते हैं।
पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसे प्रतीकात्मक उपायों से इंद्रदेव प्रसन्न होते हैं और क्षेत्र में अच्छी वर्षा होती है। भोपाल में लंबे समय से अपेक्षित वर्षा नहीं हुई है, जिसके कारण किसान एवं आमजन गंभीर रूप से चिंतित हैं। खेतों में पानी की कमी और बढ़ती उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। इसी चिंता के बीच लोगों ने गधों को मिठाई खिलाकर मानसून को ‘मनाने’ का प्रयास किया। यह प्रयास स्थानीय लोगों की आस्था और प्रकृति के प्रति उनकी चिंता को दर्शाता है।
अनोखा आयोजन देखने उमड़ी भीड़
इस अनोखे आयोजन को देखने के लिए आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ एकत्रित हुई। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी इस दृश्य को देखने के लिए उत्सुक थे। कई लोगों ने इसे परंपरा एवं आस्था से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कदम बताया, जो सदियों से चला आ रहा है। वहीं, कुछ लोगों ने इसे केवल एक प्रतीकात्मक प्रयास के रूप में देखा, जिसका वैज्ञानिक आधार भले ही न हो, पर यह लोगों की उम्मीदों को बनाए रखता है। वर्तमान में सभी की नजरें आसमान पर टिकी हैं। लोग जल्द अच्छी बारिश होने की उम्मीद कर रहे हैं ताकि उन्हें राहत मिल सके।
भोपाल में तीखी धूप और उमस से बेहाल लोग
राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के कई हिस्सों में इन दिनों वर्षा की गतिविधियां अनुपस्थित हैं। लोगों को एक बार फिर तीखी धूप और असहनीय उमस का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को भोपाल में सुबह से ही इतनी तेज धूप निकली, मानो यह गर्मी का मौसम लौट आया हो। उमस के कारण आमजन लगातार परेशान नजर आए। राजधानी में अधिकतम तापमान का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है, जिससे दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
यह पूरे प्रदेश में लगातार तीसरा दिन है जब कहीं भी अच्छी वर्षा दर्ज नहीं हुई है। मानसूनी सीजन में पर्याप्त पानी न बरसने के कारण औसत वर्षा का ग्राफ तेजी से नीचे आया है। मंगलवार को प्रदेश में औसत वर्षा का आंकड़ा सामान्य से 7 प्रतिशत कम था, जो बुधवार को बढ़कर 11 प्रतिशत कम हो गया है। यह स्थिति कृषि क्षेत्र और पेयजल आपूर्ति दोनों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में स्थिति में सुधार की संभावना है, परंतु वर्तमान में लोगों की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं।






