इंदौर में तेजी से बढ़ रहे वाहनों की संख्या ने ट्रैफिक व्यवस्था को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। खासकर रिंग रोड के कई प्रमुख चौराहों पर पीक आवर्स में लंबा जाम आम बात बन चुका है। इसी समस्या को देखते हुए इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) ने रोबोट और रेडिसन चौराहे पर नए फ्लाईओवर बनाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। इन दोनों स्थानों पर फ्लाईओवर बनने से शहर के महत्वपूर्ण हिस्सों में यातायात का दबाव काफी कम होगा।
शहर में पहले से कई फ्लाईओवर चालू हैं और कुछ निर्माणाधीन हैं। इनके कारण रिंग रोड के कई हिस्सों पर ट्रैफिक की रफ्तार बेहतर हुई है। अब प्रशासन का फोकस उन चौराहों पर है जहां वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। रोबोट और रेडिसन चौराहा इसी सूची में शामिल हैं, जहां सुबह और शाम के समय लंबी कतारें लग जाती हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
100 से ज्यादा कॉलोनियों को फायदा
आईडीए के अनुसार, नए फ्लाईओवर बनने के बाद रिंग रोड पर स्थित अधिकांश प्रमुख चौराहे फ्लाईओवर नेटवर्क से जुड़ जाएंगे। इसका सीधा फायदा उन लोगों को मिलेगा जो रोजाना ऑफिस, व्यापार, स्कूल और अन्य कामों के लिए इस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। आसपास की 100 से अधिक कॉलोनियों के निवासी वर्तमान में जाम की समस्या से प्रभावित होते हैं। कई बार कुछ किलोमीटर की दूरी तय करने में भी काफी समय लग जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि शहरों में बढ़ती आबादी और वाहन संख्या को देखते हुए सिर्फ सड़क चौड़ी करना पर्याप्त नहीं होता। ऐसे में फ्लाईओवर जैसी संरचनाएं ट्रैफिक के सुचारू प्रवाह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे न केवल यात्रा का समय कम होता है बल्कि ईंधन की बचत और प्रदूषण में भी कमी आती है। इंदौर में पिछले कुछ वर्षों के दौरान विकसित हुए फ्लाईओवरों के सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं, जिसके बाद नए प्रोजेक्ट को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
रोबोट चौराहा फ्लाईओवर का डिजाइन होगा खास
रोबोट चौराहे पर बनने वाला फ्लाईओवर सामान्य डिजाइन से अलग होगा। इसे खजराना चौराहे के फ्लाईओवर की तर्ज पर तैयार किया जाएगा, जहां सड़क के दोनों ओर अलग-अलग विंग बनाई गई हैं। इस डिजाइन का सबसे बड़ा कारण इंदौर मेट्रो परियोजना है। चौराहे के बीच से मेट्रो लाइन गुजर रही है, इसलिए फ्लाईओवर का ढांचा इस तरह तैयार किया जाएगा कि दोनों परियोजनाएं बिना किसी बाधा के संचालित हो सकें।
योजना के तहत फ्लाईओवर को ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में विकसित किया जाएगा ताकि उपलब्ध जगह का बेहतर उपयोग किया जा सके। इससे मेट्रो और सड़क यातायात दोनों को समान रूप से लाभ मिलेगा। शहरी विकास विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही ऐसी परियोजनाएं लंबे समय तक शहर को ट्रैफिक समस्याओं से बचाने में मदद करती हैं। यदि यह योजना तय समय पर पूरी होती है तो इंदौर की रिंग रोड लगभग 75 प्रतिशत तक सिग्नल फ्री हो जाएगी, जिससे लाखों लोगों की दैनिक यात्रा पहले से कहीं अधिक आसान और तेज हो सकेगी।






