इंदौर में साइबर अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद हैं और वे हर दिन नए-नए तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। हाल ही में गूगल मैप रिव्यू के जरिए मोटी कमाई का लालच देकर ऑनलाइन साइबर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस बार तुकोगंज थाना क्षेत्र में शातिर ठगों ने एक युवक को अपने जाल में फंसाकर उससे हजारों रुपये ऐंठ लिए।
मिली जानकारी के अनुसार, ताजा मामला तुकोगंज थाना क्षेत्र का है, जहाँ फरियादी अभिषेक साइबर धोखाधड़ी के शिकार हो गए। अभिषेक को उनके व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से कॉल और मैसेज प्राप्त हुआ था। इस मैसेज में उन्हें घर बैठे गूगल मैप पर विभिन्न कंपनियों को रेटिंग और रिव्यू देने के बदले अच्छी कमाई का आकर्षक ऑफर दिया गया। ठगों ने शुरुआत में पीड़ित अभिषेक का विश्वास जीतने के लिए एक चाल चली। उन्होंने अभिषेक के बैंक खाते में 151 रुपये की राशि ट्रांसफर की, जिससे अभिषेक को लगा कि यह एक वैध अवसर है और उसे आसानी से पैसे मिल सकते हैं।
साइबर ठगों ने प्रीपेड टास्क के जरिए लगाया चूना
विश्वास जीतने के बाद, शातिर साइबर ठगों ने अभिषेक को टेलीग्राम ऐप पर डायवर्ट कर दिया। टेलीग्राम पर अभिषेक को अलग-अलग ‘प्रीपेड टास्क’ दिए जाने लगे। इन टास्क को पूरा करने के लिए फरियादी से अग्रिम राशि जमा करने को कहा गया। ठगों ने अभिषेक को यह कहकर डराया कि यदि वह बीच में टास्क छोड़ता है, तो उसे कोई पैसा नहीं मिलेगा और उसकी जमा राशि भी जब्त हो जाएगी। इस बात की ‘गारंटी’ के लिए उसे और पैसे जमा करने पड़े।
कमाई का लालच देकर जमा कराए 42 हजार रुपये
अभिषेक, कमाई के लालच में और पहले से जमा की गई राशि के नुकसान के डर से, ठगों के झांसे में आता गया। उसने विभिन्न टास्क पूरे करने के नाम पर कुल 42 हजार रुपये ठगों के खाते में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से जमा करा दिए।
पैसे जमा होते ही साइबर ठगों ने मोबाइल किया बंद
जब अभिषेक ने अपने द्वारा जमा किए गए रुपये और कथित मुनाफे को वापस निकालने का प्रयास किया, तो उसे ठगी का अहसास हुआ। ठगों ने अपना मोबाइल बंद कर लिया और अभिषेक के किसी भी मैसेज या कॉल का कोई जवाब नहीं दिया। कोई रिप्लाई न मिलने पर और अपने पैसे डूबते देख, पीड़ित अभिषेक ने तुरंत तुकोगंज थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई।
अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज
एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के अनुसार, पुलिस ने फरियादी की शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले में गहन जांच शुरू कर दी है और साइबर ठगों तक पहुंचने के लिए तकनीकी साक्ष्यों और बैंक ट्रांजेक्शन डिटेल्स की मदद ले रही है। यह मामला एक बार फिर दर्शाता है कि ऑनलाइन कमाई के लालच में आकर लोग किस तरह साइबर अपराधियों के जाल में फंस रहे हैं। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी अज्ञात ऑफर पर विश्वास न करें और किसी भी प्रकार के संदिग्ध लिंक या ऐप पर अपनी निजी जानकारी या पैसा साझा न करें।






