मौलाना जर्जिस अंसारी विवाद को लेकर इंदौर में माहौल गर्म हो गया है। दरअसल भगवान भोलेनाथ पर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप लगाते हुए कांवड़ यात्रियों और हिंदू संगठनों ने चंदन नगर थाने का घेराव किया। पुलिस को वीडियो और लिखित शिकायत सौंपी गई है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो की जांच के बाद कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल यह मामला सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो के बाद चर्चा में आया। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि वीडियो में धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली बातें कही गई हैं। हालांकि पुलिस ने अभी तक वीडियो की प्रामाणिकता या उसमें दिख रहे व्यक्ति की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
मौलाना जर्जिस अंसारी विवाद में प्रदर्शनकारियों की क्या है मांग?
वहीं अखिल भारतीय बलाई महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार के नेतृत्व में कांवड़ यात्री और समाज के कई लोग चंदन नगर थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मौलाना जर्जिस अंसारी ने अपनी तकरीर में भगवान भोलेनाथ को लेकर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिससे करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। इसी आधार पर उन्होंने तत्काल एफआईआर दर्ज करने और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारियों को एक लिखित ज्ञापन भी सौंपा गया, जिसके साथ कथित वीडियो भी उपलब्ध कराया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में सभी के लिए समान कानून लागू होना चाहिए और यदि किसी की भावनाएं आहत होती हैं तो निष्पक्ष कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाया गया तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा। हालांकि इस पूरे मामले में आरोपों की जांच अभी जारी है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस सभी तथ्यों का परीक्षण कर रही है।
पुलिस जांच में क्या सामने आया?
दरअसल मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भी जांच शुरू कर दी है। एसीपी शिवेंद्र जोशी ने बताया कि चंदन नगर थाने में एक लिखित शिकायत प्राप्त हुई है, जिसमें दूसरे धर्म के एक धार्मिक वक्ता पर हिंदू देवी-देवताओं के बारे में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है। शिकायत के साथ एक वीडियो भी दिया गया है। पुलिस का कहना है कि सबसे पहले वीडियो की सत्यता, उसके स्रोत और उसमें मौजूद व्यक्ति की पहचान की जांच की जाएगी। इसके बाद उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रावधानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी अपुष्ट वीडियो या संदेश को सोशल मीडिया पर साझा न करें, क्योंकि इससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। वहीं प्रदर्शनकारियों ने दावा किया है कि यदि उनकी मांग पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो अगले सोमवार को बड़ी कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी और जरूरत पड़ने पर फिर से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।






