मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचारियों पर लगातार कार्रवाई हो रही है लोकायुक्त पुलिस घूसखोरों को रंगे हाथ पकड़ रही है, इसी क्रम में आज इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने पीडब्ल्यूडी के तीन बड़े अधिकारियों को रिश्वत के मामले में रंगे हाथ गिरफ्तार किया है, इसमें एक कार्यपालन स्तर का अधिकारी भी शामिल है।
लोकायुक्त एसपी कार्यालय इंदौर से मिली जानकारी के मुताबिक आज टीम ने कार्यपालन यंत्री जयदेव गौतम, अनुविभागीय अधिकारी (SDO) टी.के. जैन और उपयंत्री अंशु दुबे को रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथ पकड़ा है, लोकायुक्त कार्यालय ने अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज किया है।
लोकायुक्त एसपी इंदौर राजेश सहाय ने बताया कि आवेदक राजपाल सिंह पंवार संचालक पटेल श्री इंटरप्राईजेस धार निवासी सागोर अचाना रोड़, पीथमपुर जिला -धार ने कार्यालय में एक शिकायती आवेदन दिया था जिसमें पीडब्ल्यूडी संभाग कमांक-1 इंदौर के अधिकारियों पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाये थे।
बिल भुगतान करने मांगी साढ़े तीन लाख की रिश्वत
आवेदक राजपाल सिंह पंवार ने बताया कि वो पटेल इंटरप्राईजेस धार का संचालक है एवं शासकीय ठेकेदार है। उसकी फर्म द्वारा 2023 में पेटी कॉन्ट्रेक्ट पर मैथवाडा-फारेलेन पहुंच मार्ग का कार्य 4,73,35,000/- रु. में लिया था। आवेदक की फर्म द्वारा उक्त कार्य 4, 51 ,72,101/-86. में पूर्ण किया था। आवेदक की फर्म द्वारा किये गये कार्य के अंतिम बिल का भुगतान करने के एवज में जयदेव गौतम द्वारा 1, 50000/- रुपये, टी. के. जैन द्वारा 100000 रुपये एवं आरोपी अंशु दुबे द्वारा 100000 कुल 3 ,50,000/ रिश्वत की मांग की गई।
लोकायुक्त पुलिस ने अधिकारियों को रंगे हाथ पकड़ा
शिकायती आवेदन मिलने के बाद इसका सत्यापन किय आगे और शिकायत सही पाये जाने पर आज 21 अप्रैल को ट्रेपदल का गठन किया गया। टीम ने कार्यपालन यंत्री जयदेव गौतम को उनके शासकीय निवास पर आवेदक से 1,50,000/- रुपये एवं SDO टी.के. जैन को कार्यालय अनुविभगीय अधिकारी लोक निर्माण विभाग के पोर्च के नीचे से आवेदक के प्रतिनिधि से 1 ,00,000/ रुपये रिश्वत राशि लेते हुये रंगे हाथो पकड़ा गया। उपयंत्रीअंशु दुबे द्वारा मांग की गई रिश्वत राशि कम होने से आवेदक के प्रतिनिधि से प्राप्त नहीं की गई। टीम ने आरोपियों के पास से ढाई लाख रुपये जब्त कर लिए।









