इंदौर में आईपीएल सट्टा मामले ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि अपराधी अब कितने बेखौफ हो चुके हैं। इस बार तो हद तब हो गई, जब सटोरिए पुलिस थाने के ठीक सामने बैठकर सट्टा चला रहे थे।
जब पुलिस ने कार्रवाई की, तो जो सामने आया, उसने सबको चौंका दिया। कार के अंदर बैठकर चल रहे इस सट्टे के खेल में लाखों रुपये नकद और करोड़ों का लेन-देन सामने आया। इस घटना ने पूरे शहर में चर्चा का माहौल बना दिया है।
कैसे पकड़े गए आरोपी
जानकारी के अनुसार, इंदौर के विजयनगर थाना क्षेत्र में पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग आईपीएल सट्टा चला रहे हैं। जब टीम मौके पर पहुंची, तो पाया कि आरोपी कार में बैठकर मोबाइल के जरिए ऑनलाइन सट्टा लगा रहे थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि यह पूरा खेल थाने के सामने ही चल रहा था।
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। जांच में पता चला कि दोनों आरोपी नीमच के रहने वाले हैं और लंबे समय से इस सट्टा नेटवर्क से जुड़े हुए थे।
तलाशी में मिला 10 लाख कैश और करोड़ों का ट्रांजेक्शन
जब पुलिस ने कार की तलाशी ली, तो वहां से 10 लाख रुपये नकद बरामद हुए। इसके साथ ही छह मोबाइल फोन भी मिले, जिनके जरिए सट्टा खेला जा रहा था। सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ, जब मुख्य आरोपी के मोबाइल की जांच की गई। उसमें करीब 1 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन पाया गया।
ऐसे शुरू हुआ सट्टे का खेल
पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि उसे टेलीग्राम के जरिए एक लिंक मिला था। उस लिंक के जरिए उसने एक एप डाउनलोड किया और अपनी आईडी बना ली। इसके बाद वह आसानी से ऑनलाइन सट्टा लगाने लगा और धीरे-धीरे लाखों रुपये कमाने लगा। यह तरीका आजकल तेजी से बढ़ रहा है, जहां लोग सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए सट्टे के नेटवर्क में जुड़ जाते हैं।
पुलिस को चकमा देने के लिए किराए का घर भी लिया
आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए महालक्ष्मी नगर में एक किराए का मकान भी ले रखा था। वहां से वे अपना नेटवर्क चला रहे थे और जरूरत पड़ने पर अलग-अलग जगह जाकर सट्टा लगाते थे। घटना वाले दिन भी दोनों आरोपी सट्टा लगाते हुए शराब खरीदने आए थे, तभी पुलिस को सूचना मिल गई और उन्हें मौके पर पकड़ लिया गया।
बढ़ता खतरा और नई चुनौती
आईपीएल सट्टा अब सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे शहरों और गांवों तक भी पहुंच चुका है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के कारण यह और ज्यादा खतरनाक हो गया है, क्योंकि इसमें पकड़ पाना मुश्किल होता है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस सट्टा गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और यह नेटवर्क कितना बड़ा है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा और अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।






