मध्य प्रदेश के खंडवा जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने गांव के लोगों को दहशत में डाल दिया है। देर रात का समय था, जब एक युवक तालाब के पास शौच करने गया हुआ था। माहौल शांत था, लेकिन अचानक पीछे से एक खूंखार भेड़िए ने उस पर हमला कर दिया। यह हमला इतना अचानक था कि युवक को संभलने तक का मौका नहीं मिला। देखते ही देखते वह लहूलुहान हो गया और उसकी चीखें पूरे इलाके में गूंज उठीं।
शौच के दौरान भेड़िए का हमला
घायल युवक विजय बारे ने बताया कि वह तालाब के पास था, तभी पीछे से भेड़िए ने उस पर झपट्टा मार दिया। भेड़िए के नुकीले पंजों और दांतों से उसका शरीर बुरी तरह जख्मी हो गया। खून बहने लगा और हालात बेहद गंभीर हो गए। लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। पूरी ताकत लगाकर उसने भेड़िए को धक्का दिया और खुद को बचाने की कोशिश की। इसके बाद उसने जोर-जोर से अपने साथियों को आवाज लगाई, जो थोड़ी दूरी पर थे।
दोबारा हमला, चेहरे पर किए गंभीर वार
जब तक साथी मौके पर पहुंचते, भेड़िए ने एक बार फिर हमला कर दिया। इस बार उसने युवक के चेहरे को निशाना बनाया। उसके होंठ फट गए, नाक और गाल पर गहरे घाव हो गए। करीब दो मिनट तक युवक और भेड़िए के बीच संघर्ष चलता रहा। यह लड़ाई किसी फिल्म के सीन जैसी थी, जहां हर पल जान का खतरा था। आखिरकार जब युवक के साथी वहां पहुंचे, तो भेड़िया डरकर भाग गया और युवक की जान बच गई।
रातभर खोजकर मार डाला भेड़िया
जैसे ही गांव में भेड़िए के हमले की खबर फैली, लोगों में गुस्सा और डर दोनों फैल गया। ग्रामीणों ने तुरंत फैसला लिया कि इस खतरे को खत्म करना जरूरी है।
रातभर गांव के लोग तालाब और आसपास के जंगल में भेड़िए को ढूंढते रहे। आखिरकार उन्होंने उसे घेर लिया। रस्सियों से फंदा बनाकर उसे पकड़ा गया और फिर गुस्साए ग्रामीणों ने उसे पटक-पटककर मार डाला।
वन विभाग की अनभिज्ञता ने बढ़ाई चिंता
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि वन विभाग को इस घटना की जानकारी तक नहीं थी। जब उनसे पूछा गया, तो उन्होंने साफ कहा कि उन्हें ऐसी किसी घटना की सूचना नहीं मिली है। ग्रामीणों का कहना है कि भेड़िए ने अन्य दो युवकों पर भी हमला किया था, जिससे वे भी घायल हुए हैं। इस स्थिति ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर जंगल और गांव के बीच सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन निभा रहा है।






