सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने का काम तेजी से शुरू हो गया है। हर बार लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जिससे भीड़ और व्यवस्था एक बड़ी चुनौती बन जाती है।
इस बार प्रशासन पहले से ही सतर्क है और श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए खास कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मंदिर के प्रवेश मार्ग को चौड़ा करने का काम शुरू किया गया है।
ओंकारेश्वर मंदिर में क्यों बदली जा रही दर्शन व्यवस्था?
ओंकारेश्वर मंदिर में सिंहस्थ के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में दर्शन व्यवस्था को सुचारु रखना प्रशासन के लिए बड़ी जिम्मेदारी होती है। पहले कई बार संकरी जगहों के कारण श्रद्धालुओं को धक्का-मुक्की और लंबी लाइनों का सामना करना पड़ता था। इसी समस्या को दूर करने के लिए अब मंदिर परिसर में बदलाव किए जा रहे हैं। इस बार लक्ष्य साफ है, भीड़ को नियंत्रित करना और श्रद्धालुओं को आसान और सुरक्षित दर्शन कराना।
शुकदेव मुनि द्वार को तोड़कर किया जा रहा चौड़ा
सिंहस्थ 2028 की तैयारी के तहत मंदिर के शुकदेव मुनि द्वार को तोड़कर उसे चौड़ा किया जा रहा है। यह द्वार मंदिर के प्रवेश और निकास के लिए महत्वपूर्ण मार्गों में से एक है। पहले यह रास्ता काफी संकरा था, जिससे एक साथ ज्यादा श्रद्धालु नहीं निकल पाते थे। अब इसे चौड़ा करने से श्रद्धालुओं की आवाजाही आसान होगी और भीड़ का दबाव भी कम होगा।
श्रद्धालुओं को मिलेगा सुगम और सुरक्षित दर्शन का अनुभव
ओंकारेश्वर मंदिर में हो रहे इस बदलाव का सीधा फायदा श्रद्धालुओं को मिलेगा। चौड़ा रास्ता बनने के बाद दर्शन के दौरान किसी तरह की अफरा-तफरी या धक्का-मुक्की की स्थिति कम होगी। इससे बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे भी आराम से दर्शन कर सकेंगे। यह कदम सिर्फ सुविधा ही नहीं, बल्कि सुरक्षा को भी ध्यान में रखकर उठाया गया है।






