मध्य प्रदेश के खंडवा शहर में उस समय हड़कंप मच गया, जब जिला जेल के सामने स्थित राज्य कर कार्यालय से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेज थी कि अंदर रखे जरूरी दस्तावेज, फाइलें और फर्नीचर कुछ ही मिनटों में जलकर खाक हो गए।
यह घटना सिर्फ एक आग नहीं, बल्कि सरकारी व्यवस्था के लिए बड़ा झटका है। हम देखते हैं कि खंडवा राज्य कर कार्यालय आग की इस घटना ने कई अहम रिकॉर्ड को खत्म कर दिया है, जिसका असर आने वाले समय में भी देखने को मिल सकता है।
कैसे लगी खंडवा राज्य कर कार्यालय में आग
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह आग दोपहर करीब 2 बजे लगी। आसपास के लोगों ने जब बिल्डिंग से धुआं और आग की लपटें उठती देखीं, तो तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
आग लगने के कारण को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। एक ओर जहां झाड़ियों की सफाई के दौरान लगी आग के फैलने की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी ओर शॉर्ट सर्किट की संभावना भी जताई गई है।
खंडवा राज्य कर कार्यालय आग मामले में सही कारण की पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी, लेकिन यह साफ है कि आग बहुत तेजी से फैली और पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया।
रिकॉर्ड रूम पूरी तरह नष्ट, भारी नुकसान
आग का सबसे ज्यादा असर कार्यालय के रिकॉर्ड रूम पर पड़ा, जहां जिला और संभागीय स्तर के महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे गए थे। ये सभी रिकॉर्ड जलकर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं।
फर्नीचर, कंप्यूटर और अन्य उपकरण भी आग में जल गए, जिससे कार्यालय का कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो गया है। हालांकि कुछ हिस्से, जैसे कंप्यूटर रूम का एक भाग, आग से बच गया। खंडवा राज्य कर कार्यालय आग की इस घटना से सरकारी कामकाज पर बड़ा असर पड़ सकता है, क्योंकि कई जरूरी दस्तावेज अब उपलब्ध नहीं हैं।
फायर ब्रिगेड ने समय पर पाया काबू
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर मौजूद रही और पूरे क्षेत्र को सुरक्षित किया गया। आग की वजह से आसपास के इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। अगर समय पर फायर ब्रिगेड नहीं पहुंचती, तो नुकसान और भी ज्यादा हो सकता था।
रविवार होने से टला बड़ा हादसा
इस पूरी घटना में सबसे राहत की बात यह रही कि रविवार होने के कारण दफ्तर बंद था और अंदर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। अगर यह घटना किसी कार्यदिवस पर होती, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी। खंडवा राज्य कर कार्यालय आग की इस घटना में जनहानि नहीं हुई, जो एक बड़ी राहत है। हालांकि आर्थिक और प्रशासनिक नुकसान काफी बड़ा बताया जा रहा है।






