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वरुथिनी एकादशी पर गलती से भी ना करें इन चीजों का सेवन, जानें जरूरी नियम

Written by:Diksha Bhanupriy
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वरुथिनी एकादशी शास्त्रों में काफी खास मानी गई है। जीवन की नकारात्मकता को दूर करने और शुभ परिणाम प्राप्त करने में इसे महत्वपूर्ण माना गया है।
वरुथिनी एकादशी पर गलती से भी ना करें इन चीजों का सेवन, जानें जरूरी नियम

वरुथिनी एकादशी के व्रत का हिंदू धर्म में काफी महत्व माना गया है। वैसे तो हर एकादशी तिथि का विशेष महत्व होता है लेकिन वैशाख माह में आने वाली इस ग्यारस का खास महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक इस दिन भगवान विष्णु के वराह अवतार की पूजा करने का विधान है।

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक वरुथिनी एकादशी का व्रत जीवन में सुख सौभाग्य लेकर आता है। इतना ही नहीं ये व्यक्ति के सभी पापों का नाश भी करता है। एकादशी का व्रत तो सभी कर लेते हैं लेकिन इसका पूर्ण फल तभी मिलता है जब इसे नियमों के साथ किया जाए। कुछ ऐसी चीजें हैं जिनका सेवन करने से व्रत खंडित होता है। चलिए जान लेते हैं कि क्या नहीं खाना चाहिए।

वरुथिनी एकादशी नियम

शहद

मीठे के तौर पर व्रत में अक्सर लोग शहद का सेवन करते हैं लेकिन एकादशी पर इसका सेवन नहीं करना चाहिए। शहद को तामसिक माना गया है क्योंकि ये मधुमक्खियों द्वारा इकट्ठा किया जाता है। व्रत में शुद्धता चाहते हैं तो इसका सेवन न करें।

चावल

एकादशी के दिन व्यक्ति को चावल का सेवन नहीं करना चाहिए। पुरानी कथाओं के मुताबिक महर्षि मेधा के त्याग के कारण चावल की उत्पत्ति हुई थी। यही वजह है की एकादशी के दिन चावल का सेवन मांस खाने के बराबर कहा गया है। इस दिन चावल के सेवन से व्रत की एकाग्रता में बाधा आती है।

नमक

एकादशी के दिन साधारण नमक का सेवन नहीं करना चाहिए। इस दिन केवल सेंधा नमक का सेवन करें। सभी प्रकार को तामसिक चीजों से दूर रहें। इनके सेवन से पुण्य फल नष्ट हो जाते हैं।

मसूर दाल

एकादशी व्रत में मसूर की दाल खाना वर्जित माना गया है। शास्त्रों में इसे अशुद्ध और तामसिक माना जाता है। ऐसा कहते हैं कि इसके सेवन से व्यक्ति में क्रोध बढ़ जाता है। इसके सेवन से बचना चाहिए।

क्या है धार्मिक महत्व

वरुथिनी एकादशी का काफी महत्व माना गया है। ऐसा कहते हैं कि ये नकारात्मक ऊर्जा से बचाती है। इसके पालन से भगवान विष्णु के आशीर्वाद से वैकुंठ की प्राप्ति होती है।

Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News न्यूज़ नहीं करता।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy
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