हर व्यक्ति चाहता है कि उसके घर में सुख-शांति बनी रहे और परिवार के लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए लोग घर की सजावट से लेकर पूजा-पाठ और वास्तु तक का खास ध्यान रखते हैं। वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है, क्योंकि यहीं से घर में सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है।
कई लोग घर को सुंदर बनाने के लिए मुख्य द्वार पर अलग-अलग तरह के पौधे लगा देते हैं, लेकिन अनजाने में कुछ ऐसे पौधे भी लगा लिए जाते हैं जो वास्तु दोष का कारण बन सकते हैं। माना जाता है कि ऐसे पौधे घर में तनाव, आर्थिक परेशानी और रिश्तों में खटास बढ़ा सकते हैं।
मुख्य द्वार पर कांटेदार पौधे क्यों नहीं लगाने चाहिए
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के मुख्य द्वार पर कभी भी कांटेदार पौधे नहीं लगाने चाहिए। कैक्टस जैसे पौधे देखने में भले ही आकर्षक लगें, लेकिन इन्हें नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।
मान्यता है कि ऐसे पौधे परिवार के लोगों के बीच तनाव और विवाद बढ़ाते हैं। घर का माहौल धीरे-धीरे अशांत होने लगता है और छोटी-छोटी बातों पर झगड़े बढ़ सकते हैं। इसके अलावा सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह भी प्रभावित होता है।
अगर घर के बाहर पहले से कोई कांटेदार पौधा लगा हुआ है, तो उसे हटाना बेहतर माना जाता है। वास्तु विशेषज्ञों का कहना है कि मुख्य द्वार के आसपास हमेशा ऐसे पौधे लगाने चाहिए जो हरियाली और ताजगी का एहसास दें।
दूध वाले पौधे भी बढ़ा सकते हैं वास्तु दोष
आजकल लोगों में गार्डनिंग का शौक तेजी से बढ़ रहा है। कई लोग घर के बाहर सजावटी पौधे लगाते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र में दूध निकलने वाले पौधों को मुख्य द्वार के लिए शुभ नहीं माना गया है।
ऐसे पौधों से निकलने वाला सफेद द्रव्य नकारात्मक ऊर्जा का संकेत माना जाता है। मान्यता है कि इससे घर में स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं और मानसिक तनाव भी बढ़ने लगता है। वास्तु के अनुसार, मुख्य द्वार पर ऐसे पौधे लगाने चाहिए जो सकारात्मक ऊर्जा और शांति का प्रतीक हों। तुलसी, मोगरा या मनी प्लांट जैसे पौधे शुभ माने जाते हैं।
ऊंचे और घने पेड़ भी बन सकते हैं समस्या
घर के प्रवेश द्वार के ठीक सामने बहुत ऊंचे और घने पेड़ लगाना भी वास्तु में सही नहीं माना जाता। अगर कोई बड़ा पेड़ मुख्य द्वार की धूप और रोशनी को पूरी तरह रोक देता है, तो इसे वास्तु दोष माना जाता है।
ऐसा माना जाता है कि घर में पर्याप्त धूप और ताजी हवा का आना जरूरी होता है। जब मुख्य द्वार पूरी तरह ढक जाता है, तो सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश कम हो जाता है। इसका असर बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और परिवार की तरक्की पर पड़ सकता है। वास्तु शास्त्र में इसे द्वार वेध कहा गया है। इसलिए कोशिश करनी चाहिए कि मुख्य द्वार खुला और रोशनी वाला रहे।
कौन से पौधे माने जाते हैं शुभ
वास्तु शास्त्र में कुछ पौधों को बेहद शुभ माना गया है। कहा जाता है कि ये पौधे घर में सकारात्मक ऊर्जा लाते हैं और परिवार में सुख-शांति बनाए रखते हैं। मुख्य द्वार के आसपास तुलसी का पौधा सबसे शुभ माना जाता है। इसके अलावा मनी प्लांट, अशोक, बांस और चमेली जैसे पौधे भी अच्छे माने जाते हैं। ये पौधे न सिर्फ घर की सुंदरता बढ़ाते हैं, बल्कि वातावरण को भी शुद्ध रखने में मदद करते हैं।
वास्तु के साथ साफ-सफाई भी जरूरी
सिर्फ सही पौधे लगाना ही काफी नहीं होता, बल्कि मुख्य द्वार की साफ-सफाई का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी माना जाता है। गंदगी, सूखे पौधे या टूटी चीजें नकारात्मकता को बढ़ा सकती हैं। इसलिए घर के बाहर हमेशा साफ-सुथरा और खुला माहौल रखने की सलाह दी जाती है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और परिवार का माहौल भी खुशहाल रहता है।
Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News न्यूज़ नहीं करता।






